जागरण संवाददाता, देहरादून: कोरोना की मार सबसे अधिक दून में पड़ती दिख रही है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम को रात्रि कफ्र्यू से लेकर साप्ताहिक कफ्र्यू, कुछ ढील के साथ पूर्ण कफ्र्यू भी लागू कर दिया गया है। हालांकि, इन सबके बाद भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार थम नहीं पा रही है। एक मई के बाद से तो कोरोना बेहद तेजी से बढ़ा है। इन आठ दिनों में कोरोना संक्रमण में 51.36 फीसद का इजाफा हुआ है, जो कि हालात बयां करने के लिए काफी है।

एक मई को दून में कोरोना के 2266 मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद से कोरोना की रफ्तार बेहद तेजी से बढ़ रही है। सात मई की बात करें तो एक मई के मुकाबले यह बढ़त रिकॉर्ड 75.95 फीसद की रही है। संक्रमण की बढ़ती दर बता रही है कि रोकथाम के मौजूदा प्रयास नाकाफी हैं। इस बड़ी वजह यह भी है कि कोरोना कफ्र्यू लागू तो किया गया है, मगर इसमें दी गई छूट सभी कवायद पर पानी फेर रही है। यदि दून में आने वाले दिनों में हालात नियंत्रण में करने हैं तो कोरोना कफ्र्यू में कड़े प्रविधान करने होंगे और उनका सख्ती से पालन भी कराना होगा।

दून में इस तरह बढ़ा संक्रमण

01 मई---------------- 2266

02 मईई---------------- 2580

03 मईई---------------- 2080

04 मईई---------------- 2779

05 मईई---------------- 2771

06 मईई---------------- 3132

07 मईई---------------- 3979

08 मईई---------------- 3430

 

संक्रमण दर की स्थिति (फीसद में)

  • 01 मई---------------- 21.1
  • 02 मई---------------- 27.7
  • 03 मई---------------- 26.3
  • 04 मई---------------- 29.1
  • 05 मई---------------- 28.8
  • 06 मई---------------- 31.4
  • 07 मई----------------, 34
  • 08 मई---------------- 31.93

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28 फीसद से अधिक बढ़ा मौत का आंकड़ा

दून में कोरोना संक्रमण के मुकाबले मौत का आंकड़ा कम है, मगर मौत का जो कुल आंकड़ा भी एक फीसद से कम होना चाहिए, उसके मुकाबले यह काफी अधिक है। दून में अब तक कोरोना संक्रमण के कुल 85 हजार 20 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसके सापेक्ष 1997 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है। इस तरह देखें तो मौत का आंकड़ा 2.34 फीसद हो चुके है। राज्य के औसत से भी यह काफी अधिक है। हालांकि, दून में यह आंकड़ा इसलिए भी अधिक है, क्योंकि यहां प्रदेशभर से लेकर अन्य प्रदेशों के भी गंभीर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में वह मरीज भी भर्ती किए जा रहे हैं, जिनकी हालत पहले ही बहुत खराब हो चुकी होती है।

इस तरह बढ़ रहे मौत के आंकड़े

  • 01 मई तक--------------- 1549
  • 02 मई तक---------------  1587
  • 03 मई तक---------------  1666
  • 04 मई तक---------------  1705
  • 05 मई तक---------------  1774
  • 06 मई तक--------------- , 1877
  • 07 मई तक---------------  1957
  • 08 मई तक---------------  1997 

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Edited By: Sumit Kumar