देहरादून, राज्य ब्यूरो। महिलाओं को 50 लाख रुपये तक की संपत्ति खरीद पर उनसे सिर्फ एक रुपये स्टांप शुल्क लेने के संबंध में सरकार निकट भविष्य में राज्य की आर्थिक स्थिति बेहतर होने पर विचार करेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को सचिवालय में स्त्री शक्ति तीलू रौतेली और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान यह बात कही। महिला सशक्तीकरण और बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री के समक्ष यह सुझाव रखा था। 

समारोह में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि के साथ ही वीरभूमि भी है। देश की हिफाजत के लिए बलिदान देने वाला हर छठवां बलिदानी उत्तराखंड का है। इसीलिए प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में चारधामों के अतिरिक्त पांचवां सैन्यधाम भी बताया है। उन्होंने कहा कि वीरबाला तीलू रौतेली जैसे बलिदानी हमेशा हमारे प्रेरणास्रोत रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं। वे आर्थिक रूप से स्वावलंबी हों और इसके लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस कड़ी में उन्होंने महिला किसानों और समूहों के लिए पांच लाख रुपये तक के ब्याजरहित ऋण योजना का जिक्र किया। 
उन्होंने बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करने पर भी जोर दिया और कहा कि उन पर भरोसा करना होगा। हमारी बेटियां हर क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने कहा कि अनाथालयों में रहने वाले बच्चों के 18 साल की आयु पूर्ण करने के बाद उनके लिए सरकारी सेवाओं में पांच फीसद आरक्षण की व्यवस्था की गई है। महिला सशक्तीकरण और बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य ने वीरांगना तीलू रौतेली के व्यक्तित्व के साथ ही कृतित्व पर रोशनी डाली।
उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के व्यापक हित में सरकार ने भूमि पर पति के साथ पत्नी को भी अधिकार देने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि महिलाओं को 50 लाख रुपये तक की संपत्ति की खरीद पर मात्र एक रुपये स्टांप शुल्क लिया जाए। वर्तमान में 25 लाख की संपत्ति खरीद पर रजिस्ट्री में महिलाओं को 25 फीसद तक की छूट दी जा रही है। समारोह में सचिव महिला सशक्तीकरण और बाल विकास सौजन्या, निदेशक वी.षणमुगम ने भी विचार रखे।
हौसलों के दम पर हासिल किया मुकाम 
मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो उसके सामने सौ बाधाएं भी बौनी साबित हो जाती हैं। विश्वास और हौसलों की उड़ान के दम पर मुकाम हासिल किया जा सकता है। स्त्री शक्ति तीलू रौतेली और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार से नवाजी गई महिलाओं और किशोरियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का हौसला इसकी तस्दीक करता है। स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार प्राप्त देहरादून के बंजारवाला निवासी अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी उन्नति बिष्ट कहती हैं कि सभी को अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए पूरी इच्छाशक्ति से आगे आना चाहिए। उन्नति ने कहा कि यह पुरस्कार उन्हें और आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा। 
हिमवंत फांउडेशन सोसायटी की संस्थापक संगीता थपलियाल ने कोरोना काल के दौरान जरूरतमंदों की मदद के लिए पका हुआ भोजन, राशन किट, मास्क का वितरण कर मिसाल पेश की। महिलाओं को मास्क बनाने का प्रशिक्षण देकर घर पर ही रोजगार मुहैया कराया। सहसपुर निवासी गीता मौर्य ने क्षेत्र में महिला समूह का गठन किया और फिर चार अन्य समूह भी गठित कराए। उन्होंने महिलाओं को टेक होम राशन का कार्य दिलाकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए। संगीता और गीता को इन उपलब्धियों के लिए स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार से नवाजा गया। इसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार प्राप्त करने वाली हयात फातिमा (कालसी), सुधा शर्मा (शास्त्रीनगर खाला) और सीमा राणा (पूरन बस्ती) ने अपने दायित्व का निर्वह्न करने के साथ ही कोरोनाकाल में घर-घर राशन वितरण समेत कम्युनिटी सर्विलांस जैसे कार्यों में मुख्य भूमिका निभाई।
इन्हें मिला स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार 
प्रीति भंडारी, शिवानी आर्य, गुंजनबाला, जानकी चंद, शशि देवली, उन्नति बिष्ट, संगीता थपलियाल, गीता मौर्य, डॉ.पुष्पांजलि अग्रवाल, कंचन भंडारी, मालविका माया उपाध्याय, सुमन वर्मा, शीतल, मधु खुगशाल, कीर्ति कुमारी, बबीता रावत, सुमति थपलियाल, ज्योति उप्रेती अरोड़ा, मीनूलता गुप्ता, चंद्रकला राय व हर्षा रावत। राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार नीता गोस्वामी, गीता देवी, पुष्पा हरड़िया, हेमा बोरा, अंजना रावत, हयात फातिमा, सुधा शर्मा, सीमा राणा, पूनम, आसमा, सुमनलता यादव, गंगा बिष्ट, समारेज, निर्मला पांडे, चंद्रकला पंत, अर्चना देवी, रोशनी, सुशीला देवी, लक्ष्मी देवी, ललिता देवी, कुसुम मेहर व बीना चौहान।

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