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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Teelu Rauteli Award 2020 : प्रदेश की 21 महिलाओं को मिलेगा तीलू रौतेली पुरस्कार

By Skand ShuklaEdited By:
Published: Fri, 07 Aug 2020 11:30 AM (IST)

Teelu Rauteli Award 2020 वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती पर प्रदेश सरकार राज्य की 21 महिलाओं को तीलू रौतेली राज्य स्तरीय पुरस्कार देगी।

Teelu Rauteli Award 2020 : प्रदेश की 21 महिलाओं को मिलेगा तीलू रौतेली पुरस्कार
Teelu Rauteli Award 2020 : प्रदेश की 21 महिलाओं को मिलेगा तीलू रौतेली पुरस्कार

नैनीताल, जेएनएन : Teelu Rauteli Award 2020 : वीरांगना तीलू रौतेली की जयंती पर प्रदेश सरकार राज्य की 21 महिलाओं को तीलू रौतेली राज्य स्तरीय पुरस्कार देगी। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्या ने वर्ष 2019-20 के लिए दिए जाने वाले इन पुरस्कारों के नामों की घोषणा की। इस बार 22 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को को भी पुरस्कृत किया जाएगा। आठ अगस्त को इन महिलाओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

Teelu Rauteli Award से अल्मोड़ा जिले से प्रीति भंडारी, शिवानी आर्य, बागेश्वर से गुंजन बाला, चंपावत से जानकी चंद, चमोली से शशि देवली, देहरादून से उन्नति बिष्ट, संगीता थपलियाल, गीता मौर्या, हरिद्वार से पुष्पांजलि अग्रवाल, नैनीताल से कंचन भंडारी, मालविका, माया उपाध्याय, पिथौरागढ़ से सुमन वर्मा, शीतल पौड़ी गढ़वाल से मधु खुगशाल टिहरी गढ़वाल से कीर्ति कुमारी, रुद्रप्रयाग से बबीता रावत, सुमती थपलियाल, ऊधमसिंह नगर से ज्योति उप्रेती अरोड़ा, मीनू लता गुप्ता, चंद्रकला राय और उत्तरकाशी से हर्षा रावत को पुरस्कृत किया जाएगा।

इसके अलावा 22 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाएगा। जिसमें अल्मोड़ा से नीता गोस्वामी, गीता देवी, बागेश्वर से पुष्पा, चंपावत से हेमा बोरा, चमोली से अंजना रावत, देहरादून से हयात फातिमा, सुधा, सीमा, हरिद्वार से पूनम, सुमनलता यादव, असमा, नैनीताल से गंगा बिष्ट, समारेज, निर्मला पांडे, पिथौरागढ़ से चंद्रकला, पौड़ी से अर्चना देवी, रोशनी, रुद्रप्रयाग से सुशीला देवी, टिहरी गढ़वाल से लक्ष्मी देवी, ललिता देवी, उत्तरकाशी से कुसुम मेहर और बीना चौहान शामिल हैं।

 

महिला हिंसा के खिलाफ काम का मिला सम्मान

नैनीताल। शहर निवासी विमर्श संस्था की कंचन भंडारी को राज्य बनने के बाद से ही महिला एवं बाल अधिकारों के लिए काम करने का ईनाम मिला। मल्ला रामगढ़ निवासी कंचन की ससुराल डीडीहाट के हाट गांव में है। वह 2001 से नैनीताल में संस्था चला रही हैं। अब तक संस्था के माध्यम से सैकड़ों महिलाओं व किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जागरूक करने के साथ ही पीड़ित व उपेक्षित को न्याय दिला रही हैं। किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य होने के साथ चाइल्ड हेल्प लाइन चलाती हैं। पंचायत चुनाव से लेकर अन्य अवसर पर जागरूकता अभियान चलाकर महिलाओं की पंचायत में भागीदारी बढ़ाई है।

 

वीरांगना तीलू रौतेली

तीलू रौतेली उत्तराखंड की ऐसी वीरांगना है। जो केवल 15 साल की उम्र में रणभूमि में कूद गई थी। 7 साल तक उन्होंने दुश्मन राजाओं को कड़ी चुनौती दी। 15 से 20 साल की आयु में सात युद्ध लड़ने वाली तीलू रौतेली विश्व की एकमात्र वीरांगना है। जिनकी जयंती पर प्रदेश सरकार की ओर से उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को हर साल पुरस्कृत किया जाता है।