देहारदून, जेएनएन। उप सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अन्बु ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक एक नमूना भर था। इसके जरिये भारतीय सेना अपनी असली ताकत का अहसास करा चुकी है। अगर दुश्मन कोई नापाक हरकत करता है तो सर्जिकल स्ट्राइक दोबारा भी की जा सकती है।

भारतीय सेना में महिलाओं की भागीदारी के बारे में बात करते उप सेना प्रमुख ने कहा कि जल्द ही आप उनकी भूमिका में बढ़ोतरी देखेंगे। उन्हें फ्रंटलाइन कॉम्बैट रोल की जिम्मेदारी देने के सवाल पर कहा कि यह एक पूरी प्रक्रिया है। इससे पहले महिलाओं को स्थायी रूप से कमीशन किया जा सके, इस पर विचार किया जा रहा है। कुछ क्षेत्र हैं, जहां स्थायी नियुक्तियों की जरूरत है। उन्हें सूचना और मनोवैज्ञानिक युद्ध जैसे क्षेत्रों में शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है। बढ़ती आतंकी घटनाओं और नई युद्ध तकनीक के बीच सैन्य प्रशिक्षण में बदलाव पर उन्होंने कहा कि यह एक सतत प्रक्रिया है। हरेक ऑपरेशन, हरेक युद्ध हमें कुछ अनुभव देता है। जिन्हें प्रशिक्षण में समाहित किया जाता है।

इससे पहले कैडेटों को संबोधित करते उन्होंने कहा कि आज 24 घंटे इन्फार्मेशन वॉरफेयर चल रहा है। यह आपकी सोच, मूल प्रकृति व मूल्यों को प्रभावित करने का प्रयास करेगा। आप इस चुनौती का दृढ़ता से सामना करें और इस मंशा को कामयाब न होने दें। उन्होंने कहा की वर्तमान दौर में युद्ध तकनीक का तेजी से विकास हुआ है, पर उपकरण के पीछे रहने वाले व्यक्ति का महत्व फिर भी बना रहेगा।

1971 युद्ध की बात करते कहा कि यह भारतीय सेना के युद्ध कौशल और रणनीति का एक बेहतरीन उदाहरण है। जब भारतीय सेना ने महज 14 दिन में दुश्मन सेना को घुटनों पर ला दिया था। भारत के सैन्य इतिहास में दर्ज ऐसे कई स्वर्णिम अध्याय भावी अफसरों को प्रेरणा देते रहेंगे। उप सेना प्रमुख ने कैडेटों को एक अफसर और जवानों के बीच रिश्ते की अहमियत भी समझाई। कहा कि देश की सुरक्षा और सम्मान अब आपके कंधों पर है।

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Posted By: Sunil Negi

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