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    मेडिकल कालेज के प्राचार्य को एक छात्र ने किया ई-मेल, उसमें लिखा- सीनियर ने गर्दन नीचे रखने का सुनाया है फरमान

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Sat, 18 Sep 2021 12:50 PM (IST)

    दून मेडिकल कालेज के एक छात्र ने कालेज के प्राचार्य को ई-मेल किया है। उसमें उसने रैगिंग का आरोप लगाते हुए लिखा है कि सीनियर बैच ने उन्हें गर्दन नीचे रखने का फरमान सुनाया है। साथ ही उन्हें हास्टल से बाहर रहने को भी कहा जाता है।

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    दून मेडिकल कालेज के प्राचार्य को छात्रा द्वारा ई-मेल किए गए पत्र में रैगिंग का आरोप लगाया गया है।

    जागरण संवाददाता, देहरादून। दून मेडिकल कालेज में एक गुमनाम खत से खलबली मच गई है। प्राचार्य को ई-मेल किए गए पत्र में रैगिंग का आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि सीनियर बैच ने उन्हें गर्दन नीचे रखने का फरमान सुनाया है। सीनियर के सामने गर्दन उठाने की इजाजत किसी को नहीं है। वहीं, कई घंटों तक उन्हें हास्टल से बाहर रहने के लिए भी कहा जाता है।

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    प्राचार्य डा. आशुतोष सयाना ने ई-मेल मिलने की पुष्टि की है। उनका कहना है कि छात्रों से पूछताछ की गई है, लेकिन किसी ने रैगिंग की बात नहीं कही। हो सकता है किसी शरारती तत्व ने यह हरकत की हो। वहीं एंटी रैगिंग कमेटी, हास्टलों के वार्डन समेत सभी फैकल्टी को विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

    उधर, किसी छात्र ने एनएमसी (नेशनल मेडिकल कमिशन) के हेल्पलाइन नंबर पर भी फोन कर रैगिंग की शिकायत की। वहीं फीस कम कराने की मांग को लेकर छात्र 20 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। जिस पर कालेज प्रबंधन एवं वार्डन उन पर सख्ती कर रहे हैं। उन्हें हास्टल खाली कराने तक की चेतावनी दी जा चुकी है। एक वार्डन ने प्राचार्य को इस संबंध में लिखकर भी दिया है। बताया गया है कि रैगिंग को लेकर ई-मेल मिलने की वजह से छात्रों की सुरक्षा को लेकर कालेज प्रबंधन सख्ती बरत रहा है।

    वर्ष 2019 में भी आया था रैगिंग का

    बता दें कि दून मेडिकल कालेज में वर्ष 2019 में भी रैगिंग का मामला सामने आया था। जिसमें सीनियर छात्रों पर जूनियर के बाल कटवाने का आरोप था। इसके अलावा गर्ल्‍स हास्टल में भी रैगिंग की शिकायत सामने आई थी। जिसके बाद कालेज प्रशासन ने मामले की जांच की। इस प्रकरण में छह सीनियर छात्रों पर कार्रवाई भी की गई थी।

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