जागरण संवाददाता, देहरादून। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और आर्मी इंटेलीजेंस की संयुक्त टीम ने सेना के जाली दस्‍तावेज बनाकर 100 से अधिक लोगों को विदेश भेजने के मामले में सेना से रिटायर्ड एक व्‍यक्ति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मुख्यत: व्यक्तियों को अफगानिस्तान, पाकिस्तान, दुबई और इराक भेजता था। वहां उन्हें सेना के जाली दस्तावेजों की मदद से सिक्योरिटी एजेंसियों में नौकरी दिलाई जाती थी। आरोपितों के संबंध राष्ट्रविरोधी और आतंकवादी संगठनों से होने की भी आशंका है। एसटीएफ और आर्मी इंटेलीजेंस को यह कामयाबी गणतंत्र दिवस से पहले मिली है। जब पूरे देश में आतंकी घटना को लेकर अलर्ट जारी है। 

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने बताया, सूचना मिली थी कि दून में कुछ लोग सेना से संबंधित जाली दस्तावेज तैयार कर व्यक्तियों को विदेश भेज रहे हैं। इसकी जांच के लिए एसटीएफ और आर्मी इंटेलीजेंस की संयुक्त टीम गठित की गई। बीते दिनों टीम को पता चला कि दूधली रोड, मोथरोवाला में रहने वाला विक्की थापा काफी समय से इस कार्य में लिप्त है। यह भी जानकारी मिली कि वह सेना के जाली दस्तावेज बनाकर कुछ व्यक्तियों को विदेश भेजने की तैयारी कर रहा है। इस पर बुधवार को विक्की और उसकी निशानदेही पर राजपुर के जोहड़ी गांव में रहने वाले रघुबीर को दबोच लिया गया। रघुवीर के घर से सेना से संबंधित कुछ दस्तावेज, 20 मुहर और सेना की 90 डिस्चार्ज बुक (जिनमें 44 पुस्तकें भरी थीं) बरामद की गईं। रघुबीर ने पूछताछ में बताया कि वो सेना के जाली दस्तावेज भैरवदत्त कोटनाला के बंजारावाला स्थित ओम जय श्री प्रिंट एंड स्टेशनरी नामक प्रिंटिंग प्रेस से तैयार कराते हैं। इसके बाद भैरवदत्त निवासी बंजारावाला को गिरफ्तार किया गया। उसके प्रिंटिंग प्रेस की जांच में वहां सेना के जाली दस्तावेज बनाए जाने की पुष्टि हुई। प्रिंटिंग प्रेस में छापी गई सेना की कुछ पुस्तकें भी बरामद हुई हैं।

यह सामग्री मिली आरोपितों के पास

सेना की 100 खाली डिस्चार्ज बुक, 135 सर्टिफिकेट, आठ पुस्तिकाएं भरी हुई, 67 पुस्तिकाएं खाली, 59 नीली डिस्चार्ज बुक, 48 हरी डिस्चार्ज बुक, सेना के विभिन्न अधिकारियों की 20 मुहर, दो इंक पैड, चार मोबाइल फोन व एक कंप्यूटर।

सेना से रिटायर्ड है रघुबीर सिंह

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि रघुबीर सिंह सेना से रिटायर्ड है। वह वर्ष 2008 से 2013 तक जोहड़ी का ग्राम प्रधान भी रह चुका है। उससे पूछताछ में कुछ प्लेसमेंट एजेंसियों के नाम भी सामने आए हैं, जिनके संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

100 से अधिक व्यक्तियों को भेज चुके विदेश

अब तक की जांच में सामने आया है कि आरोपित सेना के जाली दस्तावेजों से 100 से अधिक व्यक्तियों को विदेश भेज चुके हैं। एसटीएफ व आर्मी इंटेलीजेंस इन व्यक्तियों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। तीनों आरोपितों के बैंक खातों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। आरोपितों की ओर से कुछ फर्जी पासपोर्ट बनवाए जाने की बात भी सामने आ रही है।

इसलिए बनाते थे सेना के जाली दस्तावेज

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पूर्व सैनिकों और उनके स्वजनों को विदेश में सिक्योरिटी एजेंसियों में नौकरी आसानी से मिल जाती है। इसी का फायदा उठाकर आरोपित विदेश में नौकरी के इच्छुक व्यक्तियों को अपने जाल में फंसाते थे। सेना के जाली दस्तावेज बनाने और विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी।

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Edited By: Sunil Negi