देहरादून, राज्य ब्यूरो। राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) की बहुप्रतीक्षित बैठक आखिरकार होने जा रही है। माना जा रहा है कि यह बैठक 23 दिसंबर को होगी। इस बैठक में रोडवेज व व्यावसायिक वाहनों का किराया निर्धारण, भारत-नेपाल बस सेवा के लिए परमिटों का आवेदन, व्हील बेस बढ़ाने समेत अन्य कई अहम विषयों पर चर्चा की जानी है। बैठक की अधिसूचना सोमवार को जारी होने की संभावना है। 

एसटीए की बैठक बीते 15 माह से नहीं हो पाई है। अंतिम बैठक अगस्त 2017 में में हुई थी। इसके बाद कई बार बैठकों की तिथि तय की गई लेकिन विभिन्न कारणों के चलते इसे पीछे खिसकाना पड़ा। बीते माह भी यह बैठक प्रस्तावित थी लेकिन सचिव परिवहन के प्रशिक्षण कार्यक्रम में जाने के कारण यह बैठक फिर स्थगित हो गई। 15 माह से बैठक न होने के कारण परिवहन विभाग से संबंधित कई अहम फैसले लंबित चल रहे हैं। इस बैठक का सबसे अधिक इंतजार परिवहन निगम और व्यावसायिक यात्री वाहन संचालक कर रहे हैं। इसका कारण इसमें किराया बढ़ोतरी पर चर्चा होना है। 
दरअसल, अब परिवहन निगम के किराये का निर्धारण भी एसटीए को करना है। किराया बढ़ोतरी का प्रस्ताव परिवहन निगम काफी समय पहले एसटीए को दे चुका है। इसके अलावा व्यावसायिक वाहन चालक डीजल व पेट्रोल की बढ़ने वाली दरों के साथ ही उपकरणों के बढ़े हुए दामों का हवाला देते हुए किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। इनका किराया निर्धारण करने के लिए गठित समिति अक्टूबर में अपनी संस्तुतियां एसटीए को सौंप चुकी है। समिति ने इसमें किराया बढ़ोतरी पर सहमति दी है। बैठक में इसके अलावा व्यावसायिक वाहनों और परिवहन निगम के प्रस्ताव पर अंतर्राज्यीय मार्गों के परमिट निर्धारण पर भी फैसला होना है। 
परिवहन निगम द्वारा पर्वतीय मार्गों पर व्हील बेस बढ़ाने का निर्णय भी इसी बैठक में लिया जाना प्रस्तावित है। उत्तराखंड से नेपाल के लिए चलने वाली बस सेवा के लिए परमिट भी एसटीए से अनुमोदित होंगे। इसके बाद यह प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा जाएगा। उप आयुक्त परिवहन व सचिव एसटीए एसके सिंह ने 23 दिसंबर को बैठक बुलाए जाने की पुष्टि की है।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस