देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश के 500 सरकारी इंटर कॉलेजों में स्मार्ट क्लासेज इसी शैक्षिक सत्र में आगामी जनवरी माह से प्रारंभ होंगी। इसके लिए चार स्टूडियो और वर्चुअल लैब हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज में स्थापित की जाएंगी। स्टूडियो में 45-45 मिनट की कक्षाएं चलेंगी। इन कक्षाओं को संचालित करने के लिए शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।

शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि जिन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी हैं, वहां प्रोजेक्टर के माध्यम से स्मार्ट क्लासेज चलाई जाएंगी। सोमवार को मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि प्रदेश के 500 इंटर कॉलेजों में स्मार्ट क्लास चलाने के लिए टीसीएल कंपनी के साथ करार हो चुका है। इस कार्य के लिए कंपनी को 92 करोड़ दिए जा रहे हैं।

इससे कंपनी सभी 500 इंटर कॉलेजों में स्मार्ट क्लासेज के लिए जरूरी उपकरण मुहैया कराएगी। साथ ही राज्यस्तर पर स्टूडियो और वर्चुअल लैब की स्थापना दून स्थित हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज में की जाएगी। कॉलेज में स्थान और बिजली की उपलब्धता को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। स्टूडियो और वर्चुअल लैब के लिए नालापानी स्थित नवोदय विद्यालय में भी स्थान देखा गया था, लेकिन उक्त स्थान पर्याप्त नहीं था। 

उन्होंने कहा कि स्मार्ट क्लासेज शुरू होने से राज्य के छात्र-छात्राओं को नई प्रौद्योगिकी से पठन-पाठन का अवसर मिलेगा। साथ ही जिन विद्यालयों में शिक्षक मौजूद नहीं हैं, वहां स्मार्ट क्लासेज बड़े मददगार साबित होंगे। स्मार्ट क्लासेज में एक पीरियड 45 मिनट का होगा। इन क्लासेज के लिए आइटी में दक्ष शिक्षकों की मदद ली जाएगी। इन्हें ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि ये मास्टर ट्रेनर के रूप में अन्य शिक्षकों को ट्रेनिंग दे सकें। उन्होंने आगामी जनवरी माह के पहले हफ्ते में स्मार्ट क्लासेंट शुरू होने की उम्मीद जताई। उन्होंने बताया कि स्मार्ट क्लासेज का उद्घाटन राज्य स्थापना दिवस नौ नवंबर को किया जाएगा। 
शिक्षा मंत्री ने जानी कैंटीन की क्षमता 
शिक्षा मंत्री ने कहा कि अक्षय पात्र फाउंडेशन की मदद से निर्माणाधीन कैंटीन का काम देहरादून, गदरपुर और काशीपुर में तेजी से किया जा रहा है। निर्माण कार्य 90 फीसद से अधिक हो चुका है। जिन स्थानों पर निर्माण कार्य पूरा होगा, वहां फाउंडेशन के सहयोग से किचन का कार्य शुरू होगा।

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