देहरादून, राज्य ब्यूरो। मार्च 2016 में विधायकों की खरीद-फरोख्त से संबंधित तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग मामले में सीबीआइ द्वारा मुकदमा दर्ज कर लिए जाने के बाद कैबिनेट मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने याचिका वापस लेने के संबंध में भाजपा के केंद्रीय नेताओं से चर्चा की है।

देहरादून में भाजपा के प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्याम जाजू ने इस बारे में पूछे जाने पर सिर्फ इतना ही कहा कि डॉ.हरक सिंह रावत ने जो कहा, वह सही है। बता दें कि डा.रावत ने पूर्व में मुकदमा वापसी के संबंध में पार्टी के केंद्रीय नेताओं से चर्चा की बात कही थी।

उत्तराखंड की सियासत में मार्च 2016 में तब तूफान आ गया था, जब पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा व तत्कालीन कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत समेत कांग्रेस के नौ विधायकों ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया और भाजपा में शामिल हो गए। इसके बाद 26 मार्च 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत का एक स्टिंग सामने आया, जिसमें वह सरकार बचाने को एक चैनल के सीइओ के साथ मध्यस्थता की बात करते नजर आए। स्टिंग के सार्वजनिक होने के बाद तत्कालीन कैबिनेट मंत्री डॉ.हरक सिंह रावत ने इसकी सीबीआइ जांच की मांग करते हुए याचिका दायर की थी।

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इस बहुचर्चित मामले में सीबीआई ने इसी वर्ष अक्टूबर में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के साथ ही कैबिनेट मंत्री डॉ.रावत के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर दिया। सीबीआई के इस अप्रत्याशित कदम को देखते हुए डॉ.रावत ने याचिका वापस लेने के संकेत दिए थे। उनका कहना था कि इस बारे में अभी निर्णय नहीं लिया है। कानूनी जानकारों और पार्टी के केंद्रीय नेताओं से राय मशविरे के बाद ही कोई कदम उठाएंगे।

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