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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सुर ताल संग्राम में देहरादून की शिवानी प्रथम, पिथौरागढ़ की हेमा द्वितीय

By Sumit KumarEdited By:
Published: Mon, 27 Jul 2020 10:01 AM (IST)

उत्तराखंड सुर ताल संग्राम गीत प्रतियोगिता आरजेआरसी क्रिएशन की ओर से आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगिता में दून की शिवानी भागवत ने प्रथम स्‍थान हासिल किया।

सुर ताल संग्राम में देहरादून की शिवानी प्रथम, पिथौरागढ़ की हेमा द्वितीय
सुर ताल संग्राम में देहरादून की शिवानी प्रथम, पिथौरागढ़ की हेमा द्वितीय

देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड सुर ताल संग्राम गीत प्रतियोगिता आरजेआरसी क्रिएशन की ओर से आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगिता में देहरादून की शिवानी भागवत ने प्रथम स्‍थान हासिल कर प्रदेश का मान बढ़ाया। पिथौरागढ़ की हेमा भैसोड़ा द्वतिीय स्‍थान पर रहीं।

उत्‍तराखंड की प्रतिभा को आगे लाने के लिए हर साल उत्‍तराखंड सुर ताल संग्राम प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। इस बार कोरोनाकाल के चलते प्रतियोगिता ऑनलाइन मंच के जरिए कराई गई। प्रतियोगिता के लिए आयु सीमा 16 से 30  वर्ष थी। गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी गीतों को मान्यता दी गई। निश्‍शुल्‍क आवेदन में पदेशभर से 500 प्रतिभागी शामिल हुए। प्रतियोगिता चार राउंड में संपन्‍न हुई। प्रतिभागियों ने अपनी आवाज के माध्‍यम से ऑनलाइन मंच पर प्रतिभा को प्रदर्शित किया।

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रविवार को प्रतियोगिता के परिणाम घोषित किए गए। जिसमें देहरादून की शिवानी भागवत प्रथम, पिथारौगढ़ की हेमा भैसोड़ा द्वि‍तीय और टिहरी के शुभम पैन्‍यूली तृतीय स्थान पर रहे। प्रथम विजेता को 11,000,  द्वितीय विजेता को 7,000 व तृतीय विजेता को 5,000 की धनराशि पुरस्कार के रूप में दी गई। प्रतियोगिता में निर्णायकमंडल में गायिका अनुराधा निराला, कैलाश कुमार व रोहित चौहान रहे।  आयोजक लोकगायिका कल्पना चौहान व संगीतकार राजेंद्र चौहान ने बताया कि उत्तराखंड लोक संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए उभरती प्रतिभाओं के लिए हर साल यह मंच प्रदान किया जाता है। 

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