देहरादून, जेएनएन। दून में कोरोना संक्रमण की रिकवरी की दर में निरंतर सुधार हो रहा है। मंगलवार को दून में सैंपलिंग का आंकड़ा 20 हजार पार कर गया, जबकि एक्टिव केस पहली बार (प्रवासियों की आमद के बाद) 100 से कम 99 पर आ गए।

देहरादून में अब तक 18 हजार 405 सैंपल की रिपोर्ट आ चुकी है। इनमें संक्रमण का आंकड़ा (मृतकों व प्रदेश के बाहर गए लोगों समेत) 734 है। इस आधार पर संक्रमण की दर 3.98 फीसद है, जबकि एक्टिव केस की संख्या महज 99 रह गई है। 

इस तरह एक्टिव केस की यह दर महज 0.53 फीसद ही है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि कोरोना संक्रमण की चुनौती से पार पाने के लिए जिले की टीम पूरे मनोयोग से काम कर रही है। सर्विलांस पर विशेष फोकस किया जा रहा है। अच्छी बात यह भी है कि एक दौर में कंटेनमेंट जोन की जो संख्या 55 पर पहुंच गई थी, वह अब 19 पर सिमट गई है। मंगलवार को भी देहरादून में चार कंटेनमेंट जोन समाप्त किए गए। पिछले कुछ दिनों से नए कंटेनमेंट जोन नहीं बने हैं। इसका मतलब यह है कि नए केस आने के बाद भी संक्रमण बढ़ने के खतरे पर काबू पाया जा रहा है।

48 घंटे पहले टेस्ट नेगेटिव तो होटल में ठहर सकेंगे

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पर्यटक प्रदेश में आकर होटल में ठहर सकते हैं। इसके लिए उनका 48 घंटे पहले का कोरोना टेस्ट नेगेटिव होना चाहिए।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अनलॉक-दो में राज्य में काफी सहूलियतें दी जा रही हैं। प्रदेशवासियों के लिए चार धाम यात्र खोल दी गई है। सरकार का जोर होटल व्यवसाय को गति देने पर है। ऐसे में पर्यटक प्रदेश में आकर होटल में ठहर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना संकट देखते हुए सभी चीजों का आकलन किया जा रहा है। 

इस महामारी के कारण सामाजिक, आर्थिक व मानसिक दिक्कतें उत्पन्न हुई हैं। सभी को इसका सतर्कता से सामना करना होगा। राज्य में आने वालों की सतत जांच की जा रही है। उनकी ट्रेवल हिस्ट्री देखी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को नवंबर माह तक बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। साथ ही कहा कि इस घोषणा से गरीब भाई-बहन खुशी के साथ त्योहार मना सकेंगे। गरीबों को प्रति व्यक्ति पांच किलो गेहूं या पांच किलो चावल और प्रति परिवार एक किलो दाल प्रति माह मुफ्त उपलब्ध होगी। इस योजना से सरकार के इस संकल्प बल मिलेगा कि कोई गरीब भूखा न सोए। उत्तराखंड के लाखों परिवारों को इससे लाभ मिलेगा।

चार अस्पतालों में आइसीयू को 12.67 करोड़ मंजूर

स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के चार अस्पतालों में आइसीयू निर्माण के लिए 12.67 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। ये आइसीयू कोटद्वार, रानीखेत, टिहरी व मसूरी के अस्पतालों में बनाए जाएंगे। इन्हें पूरा करने की समय सीमा दो माह रखी गई है।

कोरोना संक्रमण के मद्देनजर प्रदेश के अस्पतालों में आइसीयू बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसे देखते हुए कुछ समय पहले मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने राज्य के पांच अस्पतालों में आइसीयू बनाने के लिए मंजूरी देने का अनुरोध किया था। स्वास्थ्य विभाग की बैठक के बाद चार अस्पतालों में आइसीयू बनाने की मंजूरी दी गई। 

इसके तहत उप जिला अस्पताल कोटद्वार को 3.75 करोड़, उप जिला अस्पताल रानीखेत को 3.53 करोड़, जिला अस्पताल टिहरी के लिए 2.85 करोड़ और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मसूरी में आइसीयू बनाने के लिए 3.03 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है।

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प्रभारी सचिव स्वास्थ्य पंकज कुमार द्वारा जारी आदेशों के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कोरोना से लड़ने के लिए महानिदेशक स्वास्थ्य एवं परिवहन कल्याण के निवर्तन पर रखे गए 48.66 करोड़ रुपये में से इन चिकित्सालयों में आइसीयू निर्माण को 12.67 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई है। इस धनराशि का उपयोग केवल आइसीयू के निर्माण के लिए किया जाएगा। उन्होंने आइसीयू की स्थापना के बाद तैनाती के लिए जरूरी मानव संसाधन व पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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Posted By: Bhanu Prakash Sharma

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