रोडवेज कर्मियों की वार्ता हुई विफल, 16 से कार्य बहिष्कार
उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की मंडलीय प्रबंधक के साथ वार्ता विफल हो गई। ऐसे में यूनियन ने 16 मई से समूचे दून मंडल में कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।
देहरादून, जेएनएन। वेतन समय पर देने समेत समेत पंद्रह सूत्री मांगों को लेकर 16 मई से आंदोलन की चेतावनी दे चुकी उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की मंडलीय प्रबंधक के साथ वार्ता विफल हो गई। ऐसे में यूनियन ने 16 मई से समूचे दून मंडल में कार्य बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। इसकी रणनीति को लेकर 13 मई को आइएसबीटी पर बैठक बुलाई गई है।
गत 29 मई को यूनियन ने कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर दून मंडलीय प्रबंधक पवन मेहरा को आंदोलन के संबंध में नोटिस थमाया था। इसमें प्रमुख मामला रुड़की डिपो में भ्रष्टाचार के आरोप में डिपो एजीएम द्वारा निलंबित कैशियर को तत्काल बहाल करने का भी था।
यूनियन का आरोप था कि एक संगठन के दबाव में आरोपी को बहाल कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया है। यूनियन के महामंत्री अशोक चौधरी एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रवीण सैनी समेत मंत्री केपी सिंह ने विरोध में 16 मई से कार्य बहिष्कार का एलान किया था।
पंद्रह सूत्रीय मांगपत्र में यूनियन ने चेतावनी दी थी कि भ्रष्टाचार को ऐसे इस तरह एक संगठन के दबाव में बढ़ावा दिया जाता रहा तो रोडवेज कंगाल हो जाएगा। इसके साथ ही लंबित वेतन व देयकों के भुगतान समेत डग्गामार बसों के संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराने, खराब वाल्वो बसों को बस बेड़े से हटाने, दिल्ली आइएसबीटी पर काउंटर बढ़ाने की मांग की गई।
साथ ही अनुबंधित ढाबों पर यात्रियों से हो रही लूट बंद कराने और जांच के बाद ही ढाबों का अनुबंध करने की मांग भी की गई थी। यूनियन ने प्रबंधन को 15 मई तक का वक्त दिया था।
कार्यशाला कर्मियों को फिर पहले दिया वेतन
यूनियन ने आरोप लगाया है कि मंडलीय प्रबंधक ने वेतन रोस्टर प्रणाली का उल्लंघन किया है। प्रणाली के तहत एक माह चालक और परिचालकों व दूसरे माह कार्यशाला के कर्मियों को पहले वेतन जारी होता है। बीते माह भी कार्यशाला कर्मियों को पहले वेतन दिया गया और इस माह भी। इससे चालक व परिचालकों में खासा रोष है। यूनियन ने इस मामले में आंदोलन से पीछे न हटने का एलान किया है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।