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Rispana–Bindal Elevated Road: 60 की रफ्तार के लिए नया डिजाइन तैयार, एलिवेटेड रोड होगी बिना घुमाव

Published: Sat, 13 Dec 2025 01:25 PM (IST)

रिस्पना–बिंदाल एलिवेटेड रोड पर अब 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से वाहन चल सकेंगे। एनएचएआइ ने लोक निर्माण विभाग ...और पढ़ें

अलाइनमेंट बदलने का सीधा असर भू-अधिग्रहण पर पड़ेगा. Concept Photo

अलाइनमेंट बदलने का सीधा असर भू-अधिग्रहण पर पड़ेगा. Concept Photo

HighLights

  1. रिस्पना–बिंदाल एलिवेटेड रोड पर 60 की रफ्तार

  2. डिजाइन में बदलाव, घुमाव किए जाएंगे कम

  3. भू-अधिग्रहण पर पड़ेगा सीधा असर

अश्वनी त्रिपाठी, देहरादून। रिस्पना–बिंदाल एलिवेटेड रोड पर वाहनों को 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार मिल सकेगी। लोक निर्माण विभाग ने इसका मूल डिजाइन 40 किमी प्रति घंटा की गति के हिसाब से तैयार किया था, लेकिन एनएचएआइ ने हाई-स्पीड को ध्यान में रखते हुए डिजाइन बदलने को कहा है।

एनएचएआइ के अनुसार, मौजूदा डिजाइन में कई घुमाव ऐसे हैं जो 60 किमी की गति पर हादसों का खतरा पैदा करते हैं। इसलिए नए डिजाइन में अधिकांश घुमाव हटाकर सीधा अलाइनमेंट तैयार किया जा रहा है, ताकि तेज रफ्तार में भी वाहन सुरक्षित चल सकें। अलाइनमेंट बदलने का सीधा असर भू-अधिग्रहण पर पड़ेगा, क्योंकि जहां-जहां रास्ता सीधा होगा, वहां नई भूमि की जरूरत भी बढ़ेगी।

6200 करोड़ रुपये की परियोजना में करीब 25 किमी लंबी एलिवेटेड रोड रिस्पना-बिंदाल नदी के किनारे बननी है। इसमें भू-अधिग्रहण से लेकर डिजाइन बनाने का काम लोनिवि ने किया है, लेकिन इसका निर्माण एनएचएआइ करेगा।

निर्माण से पहले एनएचएआइ ने डिजाइन का निरीक्षण कर अपनी राय दी कि एलिवेटेड रोड पर बड़ी संख्या में वाहन चालक 60 किमी प्रति घंटा की गति से चलेंगे, ऐसे में अधिक घुमाव होने से हादसों का डर बना रहेगा। इसलिए रोड को 60 किमी की गति के मुताबिक ही डिजाइन कर घुमाव हटा दिए जाएं, जहां घुमाव हों वे भी इस तरह डिजाइन किए गए हों कि 60 किमी. की गति वाले वाहन को कोई खतरा न पहुंचे।

जहां पर मुड़ी नदी, वहीं रास्ते को भी मोड़ना पड़ा

करीब 70 मोड़ वाले इस लंबे कारीडोर में घुमावों का मुख्य कारण न्यूनतम भू-अधिग्रहण की रणनीति है। लोनिवि ने नदी के समानांतर एलिवेटेड रोड रखने की योजना बनाते हुए कई स्थानों पर नदी के मोड़ के साथ ही सड़क को भी मोड़ दिया। एनएचएआइ ने इन्हीं तीखे घुमावों पर आपत्ति जताई है।

लोनिवि जल्द अपना डिजाइन केंद्र सरकार को भेजेगा। मंजूरी के बाद ही फाइनल डिजाइन तय होगा।
- सौरभ सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ

एनएचएआइ के सुझाव पर 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार के अनुरूप डिजाइन में बदलाव शुरू कर दिया है।
- राजेश शर्मा, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग

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