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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 13, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ऋषिकुल और गुरुकुल कर्मियों का आयुर्वेद विवि में हंगामा Dehradun News

By BhanuEdited By:
Published: Fri, 13 Dec 2019 11:09 AM (IST)

ऋषिकुल और गुरुकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के कर्मचारियों ने आयुर्वेद विवि में जमकर हंगामा किया। डीडीओ कोड बहाली की मांग को ...और पढ़ें

ऋषिकुल और गुरुकुल कर्मियों का आयुर्वेद विवि में हंगामा Dehradun News
ऋषिकुल और गुरुकुल कर्मियों का आयुर्वेद विवि में हंगामा Dehradun News

देहरादून, जेएनएन। ऋषिकुल और गुरुकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के कर्मचारियों ने आयुर्वेद विवि में जमकर हंगामा किया। डीडीओ कोड बहाली की मांग को लेकर आंदोलित कर्मी करीब छह घंटे तक विवि परिसर में डेरा डाले रहे। इस दौरान उनकी कुलसचिव डॉ. माधवी गोस्वामी से तीखी नोकझोंक भी हुई। 

बाद में कुलपति डॉ. सुनील जोशी ने वार्ता कर कर्मचारियों को सात दिन के भीतर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके लिए छह सदस्यीय एक कमेटी का भी गठन किया है। बहरहाल, समस्या का समाधान होने तक कर्मचारियों ने अपना आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। 

संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारियों ने हरिद्वार स्थित ऋषिकुल व गुरुकुल आयुर्वेद कॉलेज में तालाबंदी की। यहां प्रशासनिक भवन, कार्यालय और अस्पताल, एक-एक कर सब बंद करा दिए। इसके बाद उन्होंने आयुर्वेद विश्वविद्यालय के लिए कूच किया। 

जहां उन्होंने विवि प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समिति के संयोजक सचिव शिवनारायण सिंह ने कहा कि उन्हें पहले कोषागार के माध्यम से वेतन समय पर मिल जाया करता था। अब विवि के स्तर पर नेफ्ट के माध्यम से वेतन जारी होने में कई-कई माह का समय लग जाता है। 

उन्होंने कहा कि जीपीएफ, एरियर, चिकित्सा बिलों और सेवानिवृत्ति के भुगतान से संबंधित समस्याओं का समाधान कराने में कई-कई चक्कर काटने पड़ते हैं। मई 2015 से दोनों परिसरों में डीडीओ कोड के निरस्त किए जाने से करीब 450 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। 

इस दौरान कुलपति ने कर्मचारियों के बीच जाकर मामला संभालने का प्रयास किया, पर कर्मचारी रजिस्ट्रार व वित्त नियंत्रक को बुलाने पर अड़े रहे। उनका कहना था कि मामले का त्वरित समाधान किया जाए और लिखित आश्वासन दिया जाए। कुलसचिव करीब चार बजे विवि पहुंची पर कर्मचारियों से बात किए बिना सीधे अपने दफ्तर में चली गई। 

इस पर कर्मचारियों ने उनके दफ्तर में पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ता देख कुलसचिव धरनास्थल पर कर्मचारियों के बीच पहुंचीं। यहां भी उनकी कर्मचारियों से तीखी नोकझोंक हुई। काफी मशक्कत के बाद में सप्ताहभर में समस्या के समाधान का आश्वासन मिलने पर कर्मचारियों ने धरना समाप्त किया। 

प्रदर्शन में मुख्य संयोजक समीर पांडेय, खीमानंद भट्ट, पूनम सिंह, दिनेश लखेड़ा, यशपाल नेगी, जयनारायण सिंह, मोहित मलोचा, रमेश तिवारी, रमेश चंद्र पंत, अनिल कुमार, धीरज उपाध्याय, नितिन कुमार, अमित कुमार आदि शामिल रहे। 

बाहर खड़े होकर मरीज को दिया परामर्श

हरिद्वार में कर्मचारियों ने अस्पताल में तालाबंदी की तो कई चिकित्सक मरीजों को परामर्श दे रहे थे। अस्पताल बंद कराए जाने पर कई मरीजों को उन्होंने बाहर ही खड़े रहकर परामर्श दिया। इससे मरीजों को भी दिक्कत उठानी पड़ी। 

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परिसर निदेशक को पीछे के दरवाजे से निकलना पड़ा

ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज में कर्मचारियों ने एक-एक कर सब बंद करा दिया। नारेबाजी सुनकर परिसर निदेशक प्रो. अनूप गक्खड़ अपने कक्ष से बाहर आने लगे। हंगामा बढ़ता देख उन्हें पीछे के दरवाजे से बाहर आना पड़ा।

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