सुमन सेमवाल, देहरादून। एक से लेकर सात मई के बीच दून के संक्रमण में 75.95 फीसद का इजाफा दर्ज किया गया था। सात मई को दून ने 34.36 फीसद के साथ संक्रमण का नया रिकॉर्ड भी बनाया था। इसी अवधि (छह व सात मई) में सर्वाधिक मौत भी दर्ज की गईं और हर तरफ अनिश्चितता व डर का माहौल और गहरा गया था। हालांकि, बीते दो दिन से संक्रमण दर में गिरावट दिख रही है और यह आंकड़े कुछ सुकून दे रहे हैं। तो क्या यह मान लेना चाहिए कि दून में संक्रमण अब ढलान की तरफ है। कोरोना कफ्र्यू में कुछ हद तक लगी आवाजाही पर लगाम का भी यह असर हो सकता है। फिर भी खतरा अभी टला नहीं है। जरा सी लापरवाही संक्रमण को एकदम से बढ़ा सकती है।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए कफ्र्यू को फिलहाल 18 मई की सुबह तक बढ़ा दिया गया है। इस अवधि में राशन की दुकान सिर्फ 14 मई को खोली जाएंगी। हालांकि, इससे पहले राशन की दुकानों को सोमवार को दोपहर एक बजे तक खोलने की छूट दी गई थी। राशन के लिए तमाम स्टोर व दुकानों पर भारी भीड़ भी देखी गई। यदि इस दौरान कोरोना का प्रसार हुआ होगा तो आंकड़े फिर से बढ़ सकते हैं। उम्मीद करते हैं कि ऐसा न हो और आगे भी हमें नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। सरकारी मशीनरी भी कमर कस ले कि संक्रमण के जो आंकड़े बीते दो दिन से कुछ कम हुए हैं, इसमें और कमी लाने के प्रयास किए जाएं। 

दून में हालियों दिनों में संक्रमण की स्थिति

तारीख, संक्रमित, संक्रमण की दर

  • 01 मई, 2266, 21.1
  • 02 मई, 2580, 27.7
  • 03 मई, 2080, 26.3
  • 04 मई, 2779, 29.1
  • 05 मई, 2771, 28.8
  • 06 मई, 3132, 31.4
  • 07 मई, 3979, 34.36
  • 08 मई, 3430, 31.93
  • 09 मई, 2419, 29.68
  • 10 मई, 1857, 20.11
  • 11 मई, 2201, 23.95

मौत के आंकड़ों में कमी लाना जरूरी

राज्य के औसत से भी यह काफी अधिक है। हालांकि, दून में यह आंकड़ा इसलिए भी अधिक है, क्योंकि यहां प्रदेशभर से लेकर अन्य प्रदेशों के भी गंभीर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में वह मरीज भी भर्ती किए जा रहे हैं, जिनकी हालत पहले ही बहुत खराब हो चुकी होती है। 

मौत के आंकड़ों में कमी लाना जरूरी

बीते दो दिन से कोरोना से मौत के आंकड़ों में कुछ कमी दिख रही है, मगर इन आंकड़ों को शून्य पर लाने के प्रयास करने होंगे। इस समय दून में मौत का आंकड़ा राज्य के औसत से अधिक है। हालांकि, दून में यह आंकड़ा इसलिए भी अधिक है, क्योंकि प्रदेशभर से लेकर अन्य प्रदेशों के गंभीर मरीज भी यहां भर्ती किए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में वह मरीज भी भर्ती किए जा रहे हैं, जिनकी हालत पहले ही बहुत खराब हो चुकी होती है।

तिथि, मौत, कुल मौत

  • 01 मई, 70, 1549
  • 02 मई, 38, 1587
  • 03 मई, 79, 1666
  • 04 मई, 39,  1705
  • 05 मई, 69, 1774
  • 06 मई, 103, 1877
  • 07 मई, 80, 1957
  • 08 मई, 40, 1997
  • 09 मई, 85, 2082
  • 10 मई, 67, 2149
  • 11 मई, 66, 2215

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