सोबन सिंह गुसाईं, देहरादून। देहरादून की सुद्धोवाला जेल की फिजाओं में जल्द 'गुड मार्निंग दून जेल' की गूंज सुनाई देगी। कैदियों को अवसाद से दूर रखने और उनमें सृजनात्मकता को बढ़ावा देने के लिए जेल प्रबंधन की ओर से इसकी शुरुआत कर दी गई है। इन दिनों कैदियों को रेडियो जाकी बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर एवं समाजसेवी वर्तिका नंदा दे रही हैं। इसके लिए आठ पुरुष व चार महिला कैदियों को शार्टलिस्ट किया गया है। इनमें से रेडियो जाकी के रूप में दो महिला व दो पुरुष कैदी चुने जाएंगे। इससे पूर्व वर्तिका हरियाणा की पानीपत, फरीदाबाद व अंबाला केंद्रीय जेल और उत्तर प्रदेश की आगरा जेल में भी कैदियों को रेडियो जाकी का प्रशिक्षण दे चुकी हैं।

देखने में आया है कि रेडियो शुरू होने के बाद इन जेलों में बंदियों को तनावमुक्त करने में मदद मिली है। इसी आधार पर देहरादून की सुद्धोवाला जेल में भी रेडियो शुरू करने की योजना बनाई गई। वरिष्ठ अधीक्षक कारागार दधीराम और जेलर पवन कुमार कोठारी ने बताया कि कैदियों तक रेडियो कार्यक्रम पहुंचाने के लिए जेल की सभी बैरक में स्पीकर लगाए गए हैं। रेडियो जाकी के रूप में प्रशिक्षित बंदी सुबह भजन और इसके बाद जेल समाचारों की प्रस्तुति देंगे। जबकि, दिनभर फरमाइशी गीतों का प्रसारण होगा। इसके लिए कोई भी बंदी अपने मनपसंद गीत की फरमाइश कर सकता है।

उत्तराखंड की दस जेलों में होगा रेडियो

वरिष्ठ अधीक्षक दधीराम ने बताया कि उत्तराखंड जेल रेडियो को तीन चरणों में बांटा गया है। इसमें दस जेल शामिल होंगी। पहले चरण के लिए जिला जेल देहरादून, जिला जेल हरिद्वार और उप कारागार हल्द्वानी का चयन किया गया है। देहरादून में रेडियो शुरू होने के बाद हरिद्वार व हल्द्वानी में भी काम शुरू कर दिया जाएगा।

रेडियो से यह भी होगा फायदा

वरिष्ठ अधीक्षक ने बताया कि आने वाले वक्त में यदि किसी कैदी को अदालत में पेश करने ले जाना हो या किसी से मुलाकात करवानी हो तो रेडियो के माध्यम से ही सूचना प्रसारित की जाएगी। इसके अलावा भोजन, योग व जेल में संचालित अन्य गतिविधियों के बारे में भी रेडियो के माध्यम से ही सूचित किया जाएगा। रेडियो पर दिनभर मनोरंजन, वाद-विवाद प्रतियोगिता व समाचारों का प्रसारण चलता रहेगा। लेकिन, प्रसारण का दायरा सिर्फ जेल परिसर ही होगा।

(फोटो : सुद्धोवाला जेल में रेडियो के प्रसारण के लिए बनाया जा रहा स्टूडियो।)

जेल के अंदर ही साउंड रूम

जेल प्रबंधन की ओर से जेल के अंदर ही एक मिनी साउंड रूम (स्टूडियो) तैयार किया गया है, जो पूरी तरह साउंडप्रूफ है। यहां पर म्यूजिक सिस्टम रखा गया है। प्रतिदिन इसी स्टूडियो से कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाएगा।

(फोटो : प्रोफेसर वर्तिका नंदा।)

सूचना व मनोरंजन को है रेडियो

प्रो. वर्तिका नंदा तिनका-तिनका संस्था की संस्थापक होने के साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कालेज में पत्रकारिता विभाग की प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि जेल का यह रेडियो तिनका माडल आफ प्रिजन रिफार्म्‍स पर आधारित होगा। यह जेल में सूचना और मनोरंजन, दोनों ही जरूरतों को पूरा करेगा।

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Edited By: Sunil Negi