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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूकेडी ने स्वास्थ्य विभाग में हुई एएनएम भर्ती पर उठाए सवाल, सरकार पर साधा निशाना

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Published: Sat, 10 Oct 2020 08:35 PM (IST)Updated: Sun, 11 Oct 2020 08:56 AM (IST)

उक्रांंद ने स्वास्थ्य विभाग में हुई एएनएम भर्ती पर फिर सवाल उठाए हैं। दल के केंद्रीय महामंत्री जय प्रकाश उपाध्याय ...और पढ़ें

यूकेडी ने स्वास्थ्य विभाग में हुई एएनएम भर्ती पर उठाए सवाल।
यूकेडी ने स्वास्थ्य विभाग में हुई एएनएम भर्ती पर उठाए सवाल।

देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड क्राति दल (उक्रांद) ने स्वास्थ्य विभाग में हुई एएनएम भर्ती पर फिर सवाल उठाए हैं। दल के केंद्रीय महामंत्री जय प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि एएनएम भर्ती में 114 अभ्यर्थियों के दस्तावेज गायब मिले थे, जिसके बाद विभागीय और विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए थे, लेकिन जांच रिपोर्ट दबा दी गई। ऐसे में राज्य सरकार के जीरो टॉलरेंस के दावे पर भी सवाल उठना लाजिमी है। 

उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय कार्यालय में शनिवार को पत्रकारों से वार्ता में उपाध्याय ने कहा कि इस मामले में स्वास्थ्य सचिव ने नवंबर 2018 में जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने को कहा था, लेकिन तत्कालीन स्वास्थ्य महानिदेशक ने विभागीय जांच और सतर्कता अधिष्ठान द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने कहा कि तत्कालीन अपर सचिव अरुणेंद्र चौहान ने स्वास्थ्य महानिदेशक को कड़ी चेतावनी दी थी कि दोषी कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई में जानबूझकर विलंब किया जा रहा है। 
उपाध्याय ने कहा कि भर्ती में सामान्य श्रेणी के 33 पदों को दिव्यांगों के लिए बैकलॉग के पद बताकर भर्ती से वंचित कर दिया गया था। विभागीय जाच अधिकारी की चालीस पेज की जांच रिपोर्ट सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के पक्ष में होने के बावजूद भी आज तक उनकी भर्ती नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा कई अभ्यर्थियों को जारी की गई विज्ञप्ति के नियमों के विरुद्ध चयनित किया गया व नियुक्ति दे दी गई, जबकि सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को गलत नियम का पालन करते हुए नियुक्ति से वंचित रखा गया। 
सामान्य वर्ग के ये 33 अभ्यर्थी अभी भी न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने माग की है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष सुनील ध्यानी, एसपी सेमवाल, लताफत हुसैन आदि मौजूद रहे।