राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में लगातार तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। संक्रमण बढ़ने के पीछे लापरवाही एक बड़े कारण के रूप में सामने आई है। इसे देखते हुए अब संक्रमण से बचाव को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इस कड़ी में अब ऑनलाइन कक्षाओं के जरिये कोरोना से बचाव के तरीकों के प्रचार प्रयास की तैयारी है। ऑनलाइन कक्षाओं में एक नियत समय पर कोरोना से बचाव और रोकथाम के संबंध में जानकारी दी जाएगी। 

प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकार कई तरह के कदम उठा रही है। सरकार ने ई-संजीवनी नाम से वर्चुअल ओपीडी की शुरुआत की है। इसमें प्रदेश के किसी भी कोने से मरीज चिकित्सकों से आनलाइन सलाह मशविरा कर अपना इलाज शुरू करा सकते हैं। इसके साथ ही विभाग ने कोरोना संक्रमितों के लिए डायल 104 योजना भी लागू की है। इसके जरिये कोरोना संक्रमित चिकित्सकों से सलाह मशविरा कर सकते हैं। 

वहीं, अब कोरोना जांच के नतीजे आनलाइन देखने, अस्पतालों में बेड की स्थिति की जानकारी लेने के लिए भी आनलाइन सुविधा शुरू की गई है। सरकार की मंशा इन सभी योजनाओं का व्यापक प्रचार प्रसार करने की है, ताकि आमजन विशेषकर युवा वर्ग इस संबंध में जागरूक हो। कोरोना संक्रमण की इस लहर में युवा सबसे अधिक चपेट में आ रहे हैं। इसे देखते हुए अब सरकार की मंशा आनलाइन कक्षाओं के जरिये कोरोना से सुरक्षा व रोकथाम को लेकर व्यापक प्रचार प्रसार करने की है। 

दरअसल, प्रदेश में अभी 3716 माध्यमिक विद्यालय, 125 महाविद्यालय और 12 विश्वविद्यालय हैं।इनमें तकरीबन 14.50 लाख छात्र-छात्राएं हैं। इस समय माध्यमिक व उच्च शिक्षा की आनलाइन कक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में सरकार इन सभी कक्षाओं में कोरोना संक्रमण से सुरक्षा और रोकथाम के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी देगी। सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कहा कि सभी जिलाधिकारियों को ऑनलाइन कक्षाओं के जरिये कोरोना संक्रमण से सुरक्षा और रोकथाम के तरीकों की जानकारी देने को कहा गया है।

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