देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश सरकार अब जल्द ही प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) स्वयंसेवकों के मानदेय में बढ़ोतरी करने जा रही है। होमगा‌र्ड्स के मानदेय को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के क्रम में अंतिम निर्णय लिए जाने के बाद पीआरडी के मानदेय पर काम शुरू हो जाएगा। 

सरकार ने इनका मानदेय बढ़ाने को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि इनका मानदेय होमगा‌र्ड्स के आसपास ही रखा जाएगा। प्रदेश में इस समय सात हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवक विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन्हें लिपिक, अनुसेवक व गार्ड आदि के रूप में विभागों में तैनात किया गया है। अभी इन्हें प्रतिदिन 450 रुपये मानदेय दिया जाता है। यानी जितने दिन की सेवा, उतने दिन का मानदेय। यह मानदेय होमगा‌र्ड्स के समान ही है। 

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने होमगा‌र्ड्स को समान कार्य समान वेतन सिद्धांत के आधार पर पुलिस के जवान जितना वेतन देने के निर्देश दिए हैं। इस क्रम में शासन में कवायद भी चल रही है। उत्तर प्रदेश ने अपने यहां होमगा‌र्ड्स को 672 रुपये प्रतिदिन मानदेय देना सुनिश्चित किया है। 

इसी को आधार बनाते हुए यहां भी इतना ही मानदेय देने की तैयारी चल रही है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसके लिए तय की गई समयसीमा समाप्त हो चुकी है, लेकिन शासन में अभी तक इस पर मुहर नहीं लग पाई है। सूत्रों की मानें तो शासन होमगा‌र्ड्स के साथ ही अन्य एजेंसियों के जरिये कार्य करने वाले कार्मिकों पर भी नजर बनाए हुए है। 

सरकार इस पक्ष में है कि यदि होमगा‌र्ड्स का मानदेय बढ़ाया जाता है तो अन्य भी इसके लिए आवाज उठाएंगे। ऐसे में अभी से उनका वेतन बढ़ाने की तैयारी कर ली जाए। इस कड़ी में सबसे पहले पीआरडी कर्मियों को शामिल किया गया है।

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उपनल कर्मियों पर अभी कोई ठोस फैसला इसलिए नहीं लिया गया है, क्योंकि इनका मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित चल रहा है। ऐसे में सरकार होमगा‌र्ड्स के साथ ही पीआरडी कर्मियों का मानदेय बढ़ाने का सैद्धांतिक फैसला कर चुकी है और पंचायत चुनाव प्रक्रिया संपन्न होने के बाद इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा।

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