देहरादून, राज्य ब्यूरो। प्रदेश में डेंगू और इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारियों के मरीजों से जूझ रहे सरकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीजों और उनके तीमारदारों को महंगे यूजर चार्जेज से फिलहाल राहत मिल गई है। बीती 17 सितंबर को अस्पतालों में ओपीडी, भर्ती शुल्क और पैथोलॉजी की दरों में की गई बढ़ोतरी के शासनादेश को स्थगित कर पुरानी दरें ही लागू करने के आदेश जारी किए हैं।

स्वास्थ्य महानिदेशक आरके पांडेय ने शनिवार को राज्य के सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों, जिला, बेस, संयुक्त, टीबी अस्पतालों, राज्य मानसिक स्वास्थ्य संस्थान सेलाकुई के प्रमुख या मुख्य चिकित्साधीक्षकों, चिकित्सा अधीक्षकों को आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया कि बीती 17 सितंबर के शासनादेश को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया गया है। अब पूर्व में अस्पतालों में प्रचलित दरें ही लागू होंगी। यह आदेश अटल आयुष्मान, नॉन अटल आयुष्मान योजना के लाभार्थियों और प्रदेश से बाहर आने वाले मरीजों के लिए लागू होगा। गौरतलब है कि उक्त शासनादेश का असर गैर अटल आयुष्मान कार्डधारकों और प्रदेश में इलाज के लिए बाहर से आने वाले लोगों पर अधिक पड़ेगा।

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अटल आयुष्मान कार्डधारकों पर कम असर पड़ा था। अटल आयुष्मान कार्डधारकों को जिला अस्पताल में ओपीडी फीस के रूप में 30 रुपये और गैर अटल आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए यह शुल्क 60 रुपये किया गया था। जिला अस्पताल के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी पंजीकरण शुल्क,  जनरल वार्ड व प्राइवेट वार्ड की दरें बढ़ाई गईं थी। इसके अलावा पैथालॉजी की दरों में 30 रुपये से लेकर 300 रुपये की बढ़ोतरी गई थी। स्वास्थ्य महानिदेशक का कहना है कि 17 सितंबर को जारी शासनादेश को लागू करने की नई तिथि के बारे में अलग से जानकारी दी जाएगी। 

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