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देहरादून, जेएनएन। फर्जी कॉल सेंटर खोलकर कनाडा, यूके, यूएसई, ऑस्टे्रलिया आदि देशों के लोगों को ठगने वाले फरार कॉल सेंटरों के मालिकों के बारे में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे हैं। पुलिस ने उनकी मोबाइल लोकेशन भी ट्रेस कर ली हैं। जल्द ही पुलिस टीमों को संबंधित स्थानों पर भेजकर दबिश दी जाएगी। उधर, गिरफ्तार आरोपितों के रिमांड के लिए पुलिस कोर्ट में अर्जी दाखिल नहीं कर पाई। 

कनाडियन पुलिस की इनपुट पर दून पुलिस ने क्लेमेनटाउन और पटेलनगर क्षेत्र में तीन कॉल सेंटरों पर छापा मारकर वहां से पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से कंप्यूटर हाईडिस्क, लैपटॉप आदि सामान बरामद किया था। 

आरोपित कॉल सेंटर की आड़ में विदेशों में लोगों के कंप्यूटर सिस्टम में खराबी की चेतावनी देकर और खुद को माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का तकनीकी सहायक बताकर खराबी ठीक करने के नाम पर लोगों से पैसे ठगते थे। छापेमारी के दौरान तीनों कॉल सेंटरों के संचालक पकड़ में नहीं आ पाए थे। लिहाजा पुलिस का फोकस अब कॉल सेंटरों के संचालकों की गिरफ्तारी पर है। 

इसके लिए संचालकों के फोन ट्रेस करने में जुटी रही। बताया जा रहा है कि पुलिस ने संचालकों के फोन ट्रेस कर लिए हैं। जल्द ही पुलिस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर दबिश देगी। इससे पहले पुलिस गिरफ्तार किए गए कॉल सेंटर के कर्मचारियों और अधिकारियों से और अधिक जानकारी जुटाना चाहती है। इसलिए पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करना चाहती है। 

पकड़े गए आरोपितों को रिमांड में लेने के लिए पुलिस की ओर से कोर्ट में अर्जी दाखिल की जानी थी, लेकिन व्यस्तता और जांच अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण पुलिस दाखिल नहीं कर सकी। एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि संचालकों के बारे में अहम जानकारी मिली है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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Posted By: Bhanu

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