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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 02, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Forest guard recruitment Exam: वन मंत्री का आवास घेरने जा रहे बेरोजगार हुए गिरफ्तार

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Mon, 02 Mar 2020 05:02 PM (IST)

उत्तराखंड बेरोजगार संगठन से जुड़े युवाओं ने रविवार को वन मंत्री के यमुना कॉलोनी स्थित आवास कूच किया।

Forest guard recruitment Exam: वन मंत्री का आवास घेरने जा रहे बेरोजगार हुए गिरफ्तार
Forest guard recruitment Exam: वन मंत्री का आवास घेरने जा रहे बेरोजगार हुए गिरफ्तार

देहरादून, जेएनएन। फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा निरस्त करने की मांग को लेकर उत्तराखंड बेरोजगार संगठन से जुड़े युवाओं ने रविवार को वन मंत्री के यमुना कॉलोनी स्थित आवास कूच किया। पर पुलिस ने यमुना कॉलोनी के मुख्य गेट पर ही उन्हें बेरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। जिस पर वे वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए। 

बेरोजगार युवाओं ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट मायाराम जोशी उनका ज्ञापन लेने मौके पर पहुंचे। पर प्रदर्शनकारियों ने यह कहकर ज्ञापन देने से इंकार कर दिया कि वह विभिन्न माध्यमों से अपनी बात सरकार तक पहुंचा चुके हैं। पर अब तक भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। वह वन मंत्री से मिलने की जिद करने लगे। जिस पर पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सुद्धोवाला जेल ले गई। वहां से छोड़े जाने के बाद वह जेल परिसर में ही धरने पर बैठ गए। कहा कि सरकार यदि शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन से नहीं चेती तो आंदोलन तेज किया जाएगा। 

उत्तराखंड बरोजगार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बॉबी पंवार ने फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा को निरस्त किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षा में तमाम स्तर पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। इसमें कई लोग गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं। इस सबके बावजूद राज्य सरकार परीक्षा निरस्त करने को तैयार नहीं है। उन्होंने वन मंत्री के उस बयान पर भी हैरानी जताई, जिसमें उन्होंने गड़बड़ी वाले केंद्रों की परीक्षा निरस्त करने की बात कही थी। 

उन्होंने सवाल किया कि इस बात की क्या गारंटी है कि अन्य केंद्रों पर गड़बड़ी नहीं हुई। या उक्त केंद्रों पर सभी अभ्यर्थी नकल में लिप्त हैं। नकल माफिया पर पूर्व में बरती गई नरमी पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए। बॉबी ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार देने में असमर्थ है। न तो रिक्त पदों पर भर्तियां की जा रही हैं और न ही नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। उस पर भर्ती परीक्षाओं में गड़बडिय़ां कर योग्य युवाओं के साथ धोखा किया जा रहा है। कहा कि सरकार को आगामी विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना होगा। इस दौरान सुरेश सिंह, सुनील डोभाल, बलवीर सिंह, सबल सिंह, संदीप कंडारी, अरविंद वर्मा, प्रदीप चौहान आदि उपस्थित रहे। 

वन आरक्षी भर्ती परीक्षा मामले में एसओजी ने छह हिरासत में 

वन आरक्षी भर्ती की परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के शक में एसओजी ने छह युवकों को हिरासत में लिया है। इन युवकों पर नकल गिरोह के सदस्यों को बिना आइडी के सिम देने का आरोप है। लंढौरा पुलिस चौकी में एसओजी और मंगलौर पुलिस इनसे घंटों तक पूछताछ की। इस मामले में पुलिस जल्द ही बड़ा पर्दाफाश करेगी। प्रदेश में 16 फरवरी को वन आरक्षी भर्ती की परीक्षा आयोजित की थी। इस भर्ती परीक्षा में पौड़ी और रुड़की में नकल कराने की बात सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने पौड़ी और मंगलौर में मुकदमे दर्ज किए थे।

मंगलौर के कोचिंग सेंटर ओजस के संचालक मुकेश सैनी निवासी हरचंदपुर और इस गिरोह से जुड़े टोडा कल्याणपुर के शहनवाज समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इस मामले की जांच संयुक्त एसआइटी कर रही है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि नकल कराने के लिए कई मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल हुआ था। सूत्रों ने बताया कि रुड़की के खंजरपुर, चावमंडी, तांशीपुर आदि के युवकों ने बिना आइडी के फर्जी सिम नंबर गिरोह को उपलब्ध कराए थे।

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इस मामले में शनिवार की देर रात एसओजी की टीम ने चावमंडी से एक युवक को उठाया था। इसके बाद अलग-अलग जगहों से करीब छह युवक हिरासत में लिए हैं। इन सभी युवकों से लंढौरा पुलिस चौकी में घंटों तक पूछताछ होती रही। इस मामले में अभी पुलिस अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। माना जा रहा है कि इस मामले में पुलिस जल्द ही एक और बड़ा पर्दाफाश कर सकती है। 

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