राज्य ब्यूरो, देहरादून। देश को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक व सामाजिक रूप से एक सूत्र में पिरोने की आदि शंकराचार्य की अवधारणा पांच नवंबर को केदारनाथ में उनकी प्रतिमा के अनावरण के अवसर पर भी नजर आएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस दिन जब केदारनाथ में प्रतिमा का अनावरण करेंगे तो देशभर के ऐसे 87 स्थलों पर भी भाजपा भव्य कार्यक्रम आयोजित करेगी, जो आदि शंकराचार्य से किसी न किसी रूप में जुड़े हुए हैं। द्वादश ज्योतिर्लिंगों में भी कार्यक्रम होगा। इस दौरान केदारनाथ में होने वाले कार्यक्रम के सीधे प्रसारण की व्यवस्था भी होगी। भाजपा ने इस अवसर पर प्रमुख शिवालयों में भी जलाभिषेक का कार्यक्रम तय किया है, जिसमें साधु-संत व श्रद्धालुओं के साथ विधायक, सांसद, महापौर समेत अन्य जनप्रतिनिधि और पार्टी नेता मौजूद रहेंगे।

भाजपा के केंद्रीय कार्यालय की ओर से अपनी सभी राज्य इकाइयों को कहा गया है कि प्रतिमा के अनावरण के दृष्टिगत उनके क्षेत्र में आदि शंकराचार्य से जुड़े जो भी स्थान हैं, वहां पांच नवंबर को दिव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उत्तराखंड भाजपा के महामंत्री कुलदीप कुमार के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को यह सुझाव दिया था। इसी कड़ी में पार्टी की सभी संबंधित राज्य इकाइयां जुट गई हैं। इस पहल का उद्देश्य आदि शंकराचार्य के सनातन दर्शन की अनुभूति कराना है। पूरे देश को आध्यात्मिक सूत्र में पिरोने का जो महान कार्य आदि शंकराचार्य ने किया, उसे एक बार फिर स्मरण करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि शंकराचार्य से जुड़े स्थलों के साथ ही प्रमुख शिवालयों में भी भाजपा जलाभिषेक कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है।

ये हैं द्वादश ज्योतिर्लिंग

सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमशंकर, विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वर व घृश्णेश्वर

राज्य के इन शिवालयों में भी कार्यक्रम

नीलकंठ, बालीगढ़, कल्पेश्वर, मध्यमेश्वर, तुंगनाथ, बागेश्वर, गोपेश्वर, दक्षेश्वर, बालेश्वर बैजनाथ, केदारनाथ व विश्वनाथ।

यह भी पढ़ें:- Uttarakhand Politics: आने वाले 10 दिनों में माहौल गर्माएगी भाजपा, पीएम मोदी और अमित शाह आ रहे हैं उत्तराखंड

Edited By: Sunil Negi