देहरादून, जेएनएन। नगर निगम की ओर से व्यावसायिक संपत्ति पर वसूले जाने वाले भवन कर की वसूली को लेकर निगम प्रशासन सख्त हो गया है। इस मामले में टैक्स अनुभाग की आपात बैठक लेकर महापौर सुनील उनियाल गामा ने 30 दिन में व्यावसायिक संपत्ति कर के भौतिक सत्यापन करने के आदेश दिए। चेतावनी दी कि अगर किसी भवन स्वामी ने स्वत: कर का गलत निर्धारण किया होगा तो विभागीय नियमानुसार दंड वसूला जाएगा।  

भवन कर नगर निगम की आय का सबसे बड़ा साधन है। पिछले वित्तीय वर्ष में लक्ष्य 30 करोड़ रुपये था। इसे इस वर्ष बढ़ाकर 45 करोड़ रुपये कर दिया गया है। निगम ने आवासीय भवन कर के साथ व्यावसायिक भवन कर की वसूली को लेकर कार्ययोजना बना ली है। 

महापौर गामा ने बैठक में कहा कि कर निरीक्षक अपने से संबंधित वार्ड में जाकर उस व्यावसायिक संपत्ति का भौतिक सत्यापन करेंगे, जिनके स्वामियों द्वारा स्वत: कर व्यवस्था के तहत फार्म जमा कराए हैं। उन्होंने तीस दिन के भीतर पूरी रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए। 

इसके अलावा नगर निगम क्षेत्र में जो व्यावसायिक संपत्तियां अभी तक व्यावसायिक संपत्ति कर के दायरे में नहीं हैं उन्हें भी तीस दिन के अंदर कर के दायरे में लाया जाएगा। चेतावनी दी गई कि यदि इस अवधि के बाद किसी निरीक्षक के वार्ड में कोई व्यावसायिक संपत्ति पर भवन कर की व्यवस्था से नहीं जुड़ी तो संबंधित निरीक्षक जिम्मेदार होगा। 

महापौर ने मलिन बस्तियों में भवन कर की वसूली में सभी निरीक्षकों को वसूली के कैंप शेड्यूल तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जून के पहले सप्ताह से बस्तियों में कैंप लगाकर कर की वसूली की जाए। बैठक में नगर आयुक्त विनय शंकर पांडेय, अपर आयुक्त नीरज जोशी, उप नगर आयुक्त सोनिया पंत समेत कर अनुभाग के अधिकारी मौजूद रहे। 

नए वार्डों का दो माह में सर्वे

परिसीमन के बाद नगर निगम में शामिल किए गए 72 नए क्षेत्रों में भी व्यावसायिक भवनों का सर्वे करते हुए संबंधित संपत्तियों का विवरण दो महीने के अंदर प्रस्तुत करने के आदेश महापौर ने दिए हैं। इस मामले में उप नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि नए क्षेत्र में निरीक्षकों की डयूटी का चार्ट बनाया जाए और तीन दिन में उनके सामने प्रस्तुत किया जाए। 

फ्लैट पर भी लगेगा भवन कर

महापौर ने नगर निगम की सीमा में बने आवासीय फ्लैटों पर भी भवन कर लगाने के आदेश दिए। उन्होंने आदेश दिए कि जो फ्लैट बनकर तैयार हैं और अभी बिके नहीं हैं, उनके बिल्डर से भवन कर वसूल किया जाए।

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Posted By: Bhanu