जागरण संवाददाता, देहरादून। कोरोना कर्फ्यू के चलते स्कूल, कॉलेज यहां तक कि बाजार में खाने-पीने की दुकान भी बंद पड़ी हई हैं। ऐसे में घरों पर रहकर बेटियां नई-नई रेसिपी बनाकर जहां खुद की कुकिंग स्किल बढ़ा रही हैं तो वहीं परिवार वालों का किचन में हाथ बांटने का भी काम कर रही हैं।

ग्राफिक एरा में बीटेक की छात्रा भूमिका शर्मा भी इन दिनों घर विभिन्न रेसिपी तैयार कर रही हैं। सेवक आश्रम रोड निवासी भूमिका बताती हैं कि जब कॉलेज खुले रहते थे, उस वक्त किचन को देखा तक नहीं, क्योंकि हर दिन कॉलेज के लिए जाने से पहले ही परिवार के लोग टेबल पर खाना तैयार कर रख देते थे। अब सबकुछ बंद है तो किचन की ट्रेनिंग ली जा रही है।

मां के साथ शुरुआती दिनों में कुछ डिश बनाई और यूट्यूब के माध्यम से केक, जूस, चाऊमीन, मोमो के अलावा नई रेसिपी बनाना सीख रही हूं। परिवार के सदस्य आश्चर्य में है कि जिसे किचन का कुछ ज्यादा पता नहीं था आज वह नई रेसिपी खिलाकर सभी को खुश कर रही है।

वहीं, करनपुर निवासी निशा बताती हैं कि पहले हम सभी बाजार की चीजों पर निर्भर थे, लेकिन अब खाने-पीने की दुकानें बंद होने से वही चीजें घर पर तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। खास बात यह है कि अब खुद का बनाया हुआ बाजार से कई ज्यादा स्वादाष्टि लगता है। इस समय बर्गर, टिक्की और दही भल्ला, मोमो और चटनी घर पर ही तैयार हो रहा है। कुल मिलाकर खाने की दुकान बंद होने से घर पर रहकर हमने भी काफी कुछ सीखा और अपने हाथों का टेस्ट बढ़ा दिया है।

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