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    होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता, डॉक्टर की सलाह पर इनका इस्तेमाल

    By Raksha PanthriEdited By:
    Updated: Wed, 19 May 2021 04:05 PM (IST)

    कोरोना से जंग के लिए जरूरी है रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना। होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए आर्सेनि ...और पढ़ें

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    होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता।

    संवाद सूत्र, रायवाला। कोरोना से जंग के लिए जरूरी है रोग प्रतिरोधक क्षमता का मजबूत होना। होम्योपैथिक दवाओं के सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए आर्सेनिकम अल्बम का सेवन कर सकते हैं। जीनस एपिडेमिकस भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर है। 

    होम्योपैथिक चिकित्सक प्रदीप पैन्यूली ने बताया कि लापरवाही की वजह से कोरोना संक्रमण तेजी फैला है। बिना मास्क के घर से निकलना, सैनिटाइजर का प्रयोग न करना, बाजार और भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाना और शारीरिक दूरी का पालन न करना, संक्रमण बढ़ने के मुख्य कारण हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना को काबू करने के लिए वैक्सीनेशन सबसे जरूरी है। लेकिन इसके साथ-साथ सावधानी बरतने की जरूरत भी है, तभी इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। 

    कोरोना उनको सबसे अधिक प्रभावित करता है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। कैंसर, अस्थमा, डायबिटीज आदि बीमारियों से ग्रसित नागरिक इसकी चपेट में आसानी से आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में होम्योपैथिक दवाओं का भी विशेष महत्व है। चिकित्सक की सलाह पर इन दवाओं का इस्तेमाल करना चाहिए। आर्सेनिकम अल्बम और कंपेयर दवा विशेष रूप से कारगर है। 

    आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार आर्सेनिकम अल्बम दवा महीने में तीन बार सुबह, शाम, दोपहर लेनी आवश्यक है, जबकि कंपेयर दवा महीने में एक बार ही सेवन करनी हे। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जीनस एपि डेमिकस, ब्रायोनियम, जेल्सीमियम, यूपटोरियम, रसट्राक्स दवा भी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर है। उनका कहना है कि इस सबके साथ अफवाहों से बचना भी बहुत जरूरी है। 

    ग्रामीण क्षेत्रों में और तेजी से हो कोविड जांच 

    भाजपा नेता और पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज पाल ने ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना की जांच के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मोबाइल टीम तैनात किए जाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे संक्रमण फैलने का खतरा भी कम होगा। इससे अधिक से अधिक ग्रामीणों की जांच हो पाई और संक्रमितों को समय पर उपचार मिलेगा। 

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