देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड में नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन और विरोध दोनों जारी है। समर्थन में सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन ने रैली निकाली। वहीं, विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने काले गुब्बारे उड़ाए।

सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन की ओर से जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया और कानून को जल्द लागू करने की मांग की गई। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पीडी गुप्ता के नेतृत्व में विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त अधिकारी व कर्मचारी परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर एकत्र हुए। जहां उन्होंने सीएए के समर्थन में नारे लगाए और प्रधानमंत्री के कदम की सराहना की। 

इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि यह कानून किसी भी धर्म, जाति या व्यक्ति के विरोध में नहीं है। जिसके बाद संगठन के सदस्यों ने धरना स्थल से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक रैली निकाली। जहां प्रदर्शन करते हुए पेंशनरों ने जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। 

इस मौके पर संगठन के प्रदेश संरक्षक आरएस परिहार, प्रदेश महामंत्री गिरीश चंद्र भट्ट, सचिव संतोष कुमार, एनएस राणा, अनिल बहुगुणा, अरविंद मोहन जोशी, राजकुमार गोयल, ओपी टुटेजा, एसआर जोशी, लक्ष्मी दत्त डोभाल, प्रमोद चंद मिश्रा आदि मौजूद रहे।

रिटायर्ड शिक्षकों ने किया सीएए का  समर्थन

अवकाश प्राप्त अध्यापक संघ ने नागरिकता संशोधन कानून (सीसीए) का समर्थन किया। कहा कि यह कानून देश की एकता व अखंडता की रक्षा करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।

अवकाश प्राप्त शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल बहुगुणा व मंत्री अरविंद मोहन जोशी ने जारी बयान में कहा कि देश की संसद से पारित व राष्ट्रपति की ओर से प्रदत्त सहमति के बाद 10 जनवरी 2020 को नागरिकता संशोधन कानून देश में प्रभावी हो गया है। 

कहा कि यह कानून पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांगलादेश में प्रताड़ित हजारों शरणार्थियों को भारत की नागरिकता प्रदान करने का अवसर देता है। भारत वसुधैव कुटुम्बकम की नीति पर चलने वाला विश्व का एकमात्र राष्ट्र है। निश्चित रूप से इस कानून के प्रभावी होने से भारत का विश्व पटल पर स्थान और भी महत्वपूर्ण होगा। आने वाले समय में भारत विश्व का नेतृत्व करेगा।  

नमाज के बाद काले गुब्बारे उड़ाए

दून में नागरिकता संशोधन कानून का विरोध भी जारी है। मुस्लिम समुदाय की ओर से प्रत्येक जुमे पर नमाज के बाद शांतिपूर्ण ढंग से विरोध किया जा रहा है। इसी क्रम में नमाज के बाद विरोध स्वरूप आसमान में काले गुब्बारे छोड़े गए, साथ ही हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। 

पलटन बाजार स्थित जामा मस्जिद में काले गुब्बारे छोड़कर नागरिकता संशोधन कानून का विरोध किया। गुब्बारों पर नागरिकता कानून के विरोध में स्लोगन लिखे गए थे। इसके अलावा मस्जिद के बाहर बोर्ड लगाकर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। जिस पर बड़ी संख्या में लोगों ने हस्ताक्षर किए।

मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कहा कि केंद्र सरकार काले कानून लागू कर लोगों में भय पैदा कर रही है। साथ ही देश के शांत माहौल को बिगाडऩे का प्रयास किया जा रहा है। शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी ने भी हस्ताक्षर अभियान में शामिल होकर सीएए का विरोध जताया। 

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस कानून में संशोधन कर सभी वर्गों का ध्यान रखना चाहिए। विरोध करने वालों में मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी, सद्दाम कुरैशी, वसीम अहमद, हसन जैदी, आरिफ हुसैन, नसीम अंसारी, मोहम्मद फरहान, हसन जैदी, दानिश कुरैशी आदि शामिल थे। उधर, जुमे की नमाज को लेकर पुलिस भी अलर्ट रही। मस्जिदों के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी गश्त करते रहे। 

बजरंग दल का डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में धर्मांतरण का विरोध करते हुए डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने दोनों राज्यों में जबरन धर्मांतरण करने का आरोप लगाते हुए एडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।  

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बजरंग दल के विभाग संयोजक विकास वर्मा ने कहा कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में डरा धमकाकर, प्रलोभन देकर जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। जिसका विरोध किया जाएगा। इस दौरान बजरंग दल, दुर्गा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने एडीएम रामजी शरण शर्मा को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन करने वालों में दुर्गा वाहिनी विभाग संयोजक भावना शर्मा, श्याम शर्मा, हरीश कोहली, यशविंदर सिंह, अमन चौधरी आदि मौजूद रहे।

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Posted By: Bhanu

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