यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'Omicron Variant' से बचाव को उत्तराखंड में SOP जारी, स्कूल-कालेज, रेलवे स्टेशन, चेकपोस्ट पर होगी सैंपलिंग; ये बातें जानना भी जरूरी
Omicron Variant कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन से बचाव और संक्रमण पर नियंत्रण के लिए मानक एसओपी जारी की है। ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, देहरादून। 'Omicron Variant' उत्तराखंड में शासन ने कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रोन (Omicron) से बचाव और संक्रमण पर नियंत्रण के लिए मानक प्रचालन कार्यविधि (एसओपी) जारी की है। इसमें सभी जिलाधिकारियों से राज्य के एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बार्डर चेक पोस्ट (Border Post), पर्यटन स्थल (Tourist Place) और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर रैंडम सैंपलिंग कराने और संक्रमित पाए गए व्यक्तियों को कोरोना प्रोटोकाल के तहत चिकित्सा सुविधा प्रदान करने को कहा गया है। एसओपी में राज्य के सभी महाविद्यालय, मेडिकल व नर्सिंग कालेज, व शैक्षिक संस्थानों में कोविड सैंपलिंग के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही राज्य की सीमा से लगे नेपाल से आवाजाही के समय कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगाने का प्रमाणपत्र रखना अनिवार्य किया गया है।
मुख्य सचिव एसएस संधु द्वारा मंगलवार को जारी एसओपी में कहा गया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमिक्रोन को वायरस आफ कंसर्न घोषित किया है। इसमें संक्रमण तेजी से फैलता है। इसे देखते हुए राज्य में टीकाकरण कार्य में तेजी लाई जाए। कोविड संक्रमण की निगरानी एवं नियंत्रण व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। सभी सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित शारीरिक दूरी, मास्क पहनना व सैनिटाइजेशन का सख्ती से अनुपालन कराया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर थूकना गैरकानूनी होगा। इसका उल्लंघन करते पाए जाने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर पान, गुटखा व तंबाकू का सेवन प्रतिबंधित किया गया है। एसओपी में कहा गया है कि आमजन को नए वैरिएंट के बारे में जागरूक करने को अभियान चलाया जाए। राज्य के शिक्षण संस्थानों से लेकर सभी स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंट लाइन वर्कर का कोविड टेस्ट किया जाए। संक्रमित पाए जाने वाले व्यक्तियों को कोविड प्रोटोकाल के तहत चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी।
अंतर राष्ट्रीय बार्डर चेक पोस्ट पर भी रैंडम टेस्ट किए जाएं। इसके साथ ही शासन ने केंद्र के उस पत्र का भी जिक्र किया है, जिसमें विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें स्पष्ट किया गया है कि विदेश से आए जो यात्री होम क्वारंटाइन हैं, उनकी सतत निगरानी की जाए। उनमें कोरोना संक्रमण के किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर कोविड प्रोटोकाल के अनुसार इलाज किया जाए।
