उत्तराखंड के इन छह जिलों में कोरोना का नया मामला नहीं
प्रदेश में अब तक कोरोना के 343100 मामले आए हैैं। इनमें 329271 लोग कोरोना को मात देकर स्वस्थ्य हो चुके हैं। फिलवक्त 389 सक्रिय मामले हैं। जबकि कोरोना से 7388 मरीजों की मौत भी अब तक हो चुकी है। रविवार को 16 नए मामले आए।

जागरण संवाददाता, देहरादून: कोरोना के लिहाज से रविवार को उत्तराखंड में राहत रही। प्रदेश में कोरोना के 16 नए मामले आए, जबकि 20 लोग कोरोना को मात देकर स्वस्थ हो गए। अच्छी बात ये रही कि कोरोना संक्रमित किसी मरीज की मौत नहीं हुई। वहीं छह जिलों में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, निजी व सरकारी लैब से 17 हजार 903 सैंपल की जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई, इनमें 17 हजार 887 सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई है। देहरादून में सबसे ज्यादा सात लोग संक्रमित मिले हैैं। इसके अलावा उत्तरकाशी में तीन, पौड़ी गढ़वाल में दो और अल्मोड़ा, चंपावत, हरिद्वार व नैनीताल में एक-एक व्यक्ति संक्रमित मिला है। छह जिलों बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, टिहरी और ऊधमसिंह नगर में एक भी नया मरीज नहीं मिला है।
प्रदेश में अब तक कोरोना के 343100 मामले आए हैैं। इनमें 329271 लोग कोरोना को मात देकर स्वस्थ्य हो चुके हैं। फिलवक्त 389 सक्रिय मामले हैं। जबकि कोरोना से 7388 मरीजों की मौत भी अब तक हो चुकी है।
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58 हजार 656 व्यक्तियों का हुआ टीकाकरण
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान भी अब तेजी से चल रहा है। प्रदेश में 866 केंद्रों पर 58 हजार 656 व्यक्तियों को कोरोनारोधी टीका लगाया गया। राज्य में अब तक 67 लाख 47 हजार 421 व्यक्तियों को वैक्सीन की पहली खुराक लग चुकी है। जबकि 21 लाख 60 हजार 914 का पूर्ण टीकाकरण हो चुका है। 18 से 44 आयु वर्ग के भी 39 लाख चार हजार 487 व्यक्तियों को वैक्सीन की पहली और चार लाख 32 हजार 702 को दोनों खुराक लग चुकी हैं।
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57 फीसदी कम जांच
कोरोना के मामले कम होने के साथ ही राज्य में कोरोना जांच का ग्राफ भी कम होता जा रहा है। बीते सप्ताह राज्य में तय लक्ष्य से 57 फीसदी कम जांच हुई। एसडीसी फाउंडेशन की ओर से जारी साप्ताहिक बुलेटिन के अनुसार, राज्य में बीते सप्ताह दो लाख 80 हजार के लक्ष्य की तुलना में महज एक लाख 20 हजार ही सैंपल की जांच की गई है। बता दें कि सरकार ने राज्य में प्रत्येक दिन 40 हजार सैंपल की जांच का लक्ष्य रखा था, पर उसकी तुलना में हर दिन औसतन 15 हजार के करीब जांच हो रही हैं। एसडीसी फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल ने कहा कि राज्य में जांच कम होना चिंता का विषय है। यह सही है कि कोरोना के मामले कम हुए हैं। जांच कम होने की यह एक वजह हो सकती है।
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