ऋषिकेश, जेएनएन। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में एकीकृत स्तन चिकित्सा केंद्र में वेक्यूम एसिस्टेड ब्रेस्ट बायोप्सी वीएबीबी मशीन आ गई है। इस मशीन की सहायता से मरीज को बिना बेहोश किए और बिना किसी चीरे के तकरीबन ढाई सेंटीमीटर तक की गांठ को सुविधाजनक तरीके से निकाला जा सकता है। इसके लिए संस्थान में मामूली शुल्क रखा गया है। 

शनिवार को निदेशक प्रो. रवि कांत ने मशीन के इस्तेमाल और रोगी महिलाओं को इससे होने वाले फायदों के बारे में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ व कार्मिकों को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह उपकरण देश के गिने चुने संस्थानों में ही उपलब्ध है। ऋषिकेश एम्स, दिल्ली एम्स के बाद दूसरा संस्थान है। जिसमें महिला रोगियों की चिकित्सा के लिए इस मशीन को स्थापित किया गया है। 

इस मौके पर आइबीसीसी की प्रमुख प्रो. बीना रवि की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में स्तन रोगियों के लिए विशेषीकृत भर्ती पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। पुस्तिका सिर्फ स्तन कैंसर ग्रस्त रोगियों के लिए तैयार की गई है। उन्होंने बताया कि  क्लीनिक में मरीजों को बायोप्सी, अल्ट्रासाउंड जांच, चिकित्सकीय परामर्श व सर्जरी आदि सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि अक्टूबर माह ब्रेस्ट कैंसर माह के तौर पर मनाया जाता है, लिहाजा इसके तहत एम्स संस्थान द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं को स्तन कैंसर के प्रति जागरूक किया जाएगा। 

इस अवसर पर स्तन रोग निदान चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. अंजुम सईद ने वेक्यूम एसिस्टेड ब्रेस्ट बायोप्सी मशीन की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर डीन ऐकेडमिक डॉ. मनोज गुप्ता, उपनिदेशक प्रशासन अंशुमन गुप्ता, डॉ.जया चतुर्वेदी, डॉ. अनुभा अग्रवाल, डॉ. अजय कुमार, रजिस्ट्रार राजीव चौधरी, आशीष आदि मौजूद थे। 

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Posted By: Raksha Panthari

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