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    Namami Gange: ऊधमसिंहनगर की छह नदियों का होगा कायाकल्प, NMCG ने नई परियोजना को दी हरी झंडी

    By Raksha PanthriEdited By:
    Updated: Sun, 18 Jul 2021 10:16 AM (IST)

    कुमाऊं मंडल के ऊधमसिंहनगर जिले की छह नदियों का भी कायाकल्प होने जा रहा है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधीन एनएमसीजी की समिति ने ऊधमसिंहनगर की भेला ढेला किच्छा नंधौर पिल्खा और कोसी के कायाकल्प के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत नई परियोजना को मंजूरी दी।

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    ऊधमसिंहनगर की छह नदियों का होगा कायाकल्प।

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। कुमाऊं मंडल के ऊधमसिंहनगर जिले की छह नदियों का भी कायाकल्प होने जा रहा है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) की समिति ने ऊधमसिंहनगर की भेला, ढेला, किच्छा, नंधौर, पिल्खा और कोसी के कायाकल्प के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत नई परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत इन नदियों से लगे शहरों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) व गंदे नालों की टैपिंग से संबंधित कार्य होंगे। इससे नदियों को साफ-सुथरा बनाए रखने में मदद मिलेगी। पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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    कुमाऊं क्षेत्र की नदियों को नमामि गंगे में शामिल करने के मद्देनजर उत्तराखंड की ओर से कुछ समय पहले एनएमसीजी को प्रस्ताव भेजा गया। इसमें ऊधमसिंहनगर की छह नदियों के अलावा गंगा की सहायक काली, रामगंगा, सरयू, जमरानी, रिस्पना, लोहावती, सौंग समेत अन्य नदियों को शामिल करते हुए केंद्र से इन नदियों की स्वच्छता और संरक्षण को नई परियोजनाओं को मंजूरी देने का आग्रह किया गया।

    हाल में ही पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात कर इन नदियों के संरक्षण-संवद्र्धन की योजनाओं की स्वीकृति जल्द देने का आग्रह किया था।पेयजल मंत्री चुफाल के अनुसार एनएमसीजी की समिति की बैठक में नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत ऊधमसिंहनगर की नदियों से संबंधित परियोजना को मंजूरी दी गई।

    नमामि गंगे के तहत ढेला नदी फेज-प्रथम के लिए 199.36 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इस योजना के तहत 30.30 एमएलडी (मिलियन लीटर डेली) क्षमता के नौ एसटीपी का निर्माण किया जाएगा। साथ ही 17 नालों की टैपिंग की जाएगी। यह परियोजना छह नदियों से लगे क्षेत्र को कवर करेगी।

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