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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड में 1045 करोड़ की घोषणाओं को महज 82 लाख जारीः मुन्ना सिंह

By BhanuEdited By:
Published: Thu, 01 Dec 2016 11:36 AM (IST)Updated: Fri, 02 Dec 2016 06:00 AM (IST)

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर सवाल उठाए। 1045 करोड़ रुपये के 800 से ...और पढ़ें

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देहरादून, [जेएनएन]: भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने घोषणाओं के नाम पर जनता के साथ छल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का खजाना खाली है और मुख्यमंत्री हरीश रावत नित नई घोषणाएं कर रहे हैं। पिछले छह माह में मुख्यमंत्री ने 1045 करोड़ रुपये के 800 से अधिक कार्यों की घोषणाएं की और इनके लिए महज 82 लाख रुपये ही जारी किए जा सके हैं।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू मुन्ना सिंह चौहान ने घोषणाओं को हास्यास्पद करार दिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ घोषणाओं के नाम पर ही जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा रहा, बल्कि इस रवैये के चलते तमाम विभाग बजट से पांच से 10 गुना तक के कार्यों से ओवरलोड हो गए हैं।

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उन्होंने कहा कि मेरा गांव मेरी सड़क योजना में 1500 करोड़ रुपये के कार्यों के इस्टीमेट डंप पड़े हैं। इसी तरह लोनिवि में 7000 करोड़ रुपये के कार्य चल रहे हैं। विभाग को सप्लीमेंट्री बजट में रूप में अभी सिर्फ 80 से 85 करोड़ रुपये ही प्राप्त हो पाए हैं, जबकि वित्तीय वर्ष की समाप्ति को चार माह ही शेष रह गए हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से जवाब मांगते हुए कहा कि बताएं उनके कौन से ऐसे वित्त विशेषज्ञ हैं, जो बिना बजट इन कार्यों को करवा लेंगे। साथ ही सरकार के वित्त विशेषज्ञों को खुली बहस की चुनौती भी दी।

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वित्तीय हैंडबुक, प्रोक्योरमेंट रूल की अनदेखी
भाजपा प्रवक्ता मुन्ना सिंह चौहान ने कहा कि बिना बजट की स्थिति का आकलन कर की जा रही घोषणाएं वित्तीय हैंडबुक के नियमों की अनदेखी भी है। नियमों में स्पष्ट है कि जब तक किसी कार्य के लिए 40 फीसद बजट की व्यवस्था न कर ली जाए, तब तक उसे शुरू न किया जाए।

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उन्होंने कहा कि प्रोक्योरमेंट रूल का भी उल्लंघन किया जा रहा है। इस मामले में अधिकारी सरकार के गड़बड़झालों पर मुहर लगाने का काम कर रहे हैं। बिना वित्तीय प्रबंधन के ही टेंडर तक जारी कर दिए जा रहे हैं। चौहान ने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।

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