यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड में लगातार बढ़ता जा रहा हैं दुर्घटनाओं का ग्राफ, इन वजह से होती है सबसे अधिक दुर्घटनाएं
प्रदेश में दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके कारणों का जब अध्ययन किया गया तो यह बात ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश में दुर्घटनाओं का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके कारणों का जब अध्ययन किया गया तो यह बात सामने आई कि सबसे अधिक दुर्घटनाएं ओवर स्पीडिंग के कारण हो रही है। प्रदेश में हुई कुल दुर्घटनाओं में से 72.71 दुर्घटनाएं ओवर स्पीडिंग के कारण हो रही थी। इसमें मरने वालों की संख्या भी वाहन दुर्घटनाओं में कुल मरने वाले व्यक्तियों के सापेक्ष 68.17 फीसद रही।
प्रदेश में इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ में 52.55 फीसद बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते वर्ष कोरोना के कारण वाहनों का संचालन कम हुआ था। संभवत: इस कारण भी यह आंकड़ा कुछ बढ़ा हुआ नजर आ रहा है। बावजूद इसके दुर्घटनाओं में लगातार हो रहे इजाफे से विभाग भी खासा चिंतित हैं। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने भी इसे लेकर चिंता जताई है। उन्होंने जब दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा की तो यह बात सामने आई कि ओवर स्पीडिंग दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण है। प्रदेश में 72 फीसद दुर्घटनाएं हुई हैं। दूसरा बड़ा कारण शराब पीकर वाहन चलाना है। प्रदेश में हुई कुल दुर्घटनाओं में से 7.54 फीसद दुर्घटनाएं शराब पीकर वाहन चलाने से हुई हैं। वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करते हुए 3.77 फीसद दुर्घटनाएं हुई हैं। वहीं गलत दिशा में वाहन चलाने से हुई दुर्घटनाओं का प्रतिशत 1.85 है।
इस दौरान यह बात भी सामने आई कि वाहनों के आपस में टकराने की दुर्घटनाओं में सबसे अधिक दुर्घटनाएं वाहन को पीछे से टक्कर मारने के कारण हुई। इन दुर्घटनाओं में कुल 20 फीसद व्यक्तियों की मौत हुई। वहीं 16 फीसद दुर्घटनाओं में वाहनों की आमने-सामने की टक्कर हुई। इसमें 13 फीसद व्यक्तियों ने जान गंवाई। इन आंकड़ों को देखते हुए परिवहन मंत्री ने सड़क सुरक्षा के कार्यों में तेजी लाने के साथ ही चेकिंग पर जोर दिया है।
