विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 16, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तराखंड में नदी नाले उफान पर, भूस्‍खलन से कई मार्ग अभी हैं बंद

By Sunil NegiEdited By:
Published: Thu, 16 Aug 2018 11:43 AM (IST)Updated: Thu, 16 Aug 2018 12:07 PM (IST)

उत्‍तराखंड में बारिश के कारण नदी नाले उफान पर हैं, वहीं भूस्‍खलन से कई सड़कें बंद हैं। जिससे लोगों को दिक्‍कत का सामना करना पड़ रहा है।

उत्‍तराखंड में नदी नाले उफान पर, भूस्‍खलन से कई मार्ग अभी हैं बंद
उत्‍तराखंड में नदी नाले उफान पर, भूस्‍खलन से कई मार्ग अभी हैं बंद

देहरादून, [जेएनएन]: उत्‍तराखंड में मौसम का मिजाज तल्‍ख बने हुए हैं। नदी नाले उफान पर हैं, वहीं भूस्‍खलन से कई सड़कें बंद हैं। चमोली जिले में बद्रीनाथ हाईवे रात्रि आठ बजे से लामबगड़ में बंद है, हाइवे खोलने का काम जारी है। उधर, देहरादून के सहस्रधारा क्षेत्र के नागल हट नाला के धनोरा गांव के ऊपर भारी भूस्खलन हुआ। पत्थर गिरने से ग्रामीण दहशत में हैं।

बुधवार रात बारिश और पत्थर गिरने के बाद गांव के लोगों ने घर खाली कर पंचायत भवन में रात बिताई गांव की करें तो सबसे ज्यादा परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। लगातार भूस्खलन और पत्थर गिरने से लोग अपने घरों में भी नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला आपदा कंट्रोल रूम और जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी है।

हालांकि, गुरुवार सुबह तक प्रशासन का कोई भी नुमाइंदा गांव नहीं पहुंचा था। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा कि वैज्ञानिकों की टीम भेज कर गांव के ऊपर हो रहे भूस्खलन की स्थिति का जायजा लिया जाए।

वहीं, टिहरी जिले के नरेंद्रनगर के पास चुंगी में भूस्‍खलन के कारण एनएच 94 अभी भी बंद है। सड़क के दोनों ओर से पोकलैंड मशीन से मार्ग खोलने का कार्य जारी है। भूस्‍खलन वाले स्थान पर सड़क टूटी हुई है। मार्ग सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है। हरिद्वार में गंगा का जलस्तर आज सुबह छह बजे और सात बजे 292.40 मीटर रहा, जबकि 8 बजे जलस्तर 292.50 मीटर पर आ पहुंचा। आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा का कहना है, स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में आफत की बारिश, नदी-नालों में उफान; दो लोगों की मौत

यह भी पढ़ें: उत्तराखंड में मुसीबत बन बरस रहे हैं बादल, जनजीवन अस्‍त-व्‍यस्‍त

यह भी पढ़ें: उत्‍तराखंड में मूसलाधार बारिश से नदी-नालों में उफान, कई इलाकों में बाढ़ का खतरा