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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Late Night Inspection: देर रात निरीक्षण पर निकले राजधानी के नए कप्तान, मास्क न पहनने पर दी ये सजा

By Raksha PanthriEdited By:
Published: Tue, 07 Sep 2021 03:02 PM (IST)Updated: Tue, 07 Sep 2021 09:24 PM (IST)

Late Night Inspection एसएसपी जन्मेजय खंडूड़ी देर रात शहर के निरीक्षण पर निकलने। इस दौरान उन्होंने घंटाघर और दर्शनलाल चौक ...और पढ़ें

देर रात निरीक्षण पर निकले राजधानी के नए कप्तान।
देर रात निरीक्षण पर निकले राजधानी के नए कप्तान।

जागरण संवाददाता, देहरादून। Late Night Inspection राजधानी में कप्तान की कमान संभालने के बाद एसएसपी जन्मेजय खंडूड़ी सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ी करने में जुट गए हैं। सोमवार शाम को पुलिस अधिकारियों की बैठक लेने के बाद रात करीब दो बजे निजी वाहन से शहर में सुरक्षा का जायजा लेने के निकल पड़े। उत्तराखंड नंबर की कार से एसएसपी सादे कपड़ों में भ्रमण पर निकले थे, लेकिन ऐसी संभावना है कि फोर्स को इसकी भनक लग गई, जिसके कारण रात्रि ड्यूटी में तैनात फोर्स पूरी मुस्तैदी से ड्यूटी पर जुट गए।

एसएसपी सबसे पहले बल्लुपुर चौक में पहुंचे, जहां से फोर्स ड्यूटी पर तैनात मिला। इसके बाद वह घंटाघर चौक पर पहुंचे यहां पर पुलिस फोर्स तो तैनात था लेकिन कुछ युवक बिना मास्क घूमते पाए गए। एसएसपी ने खुद उनसे पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह कालेज के स्टूडेंट्स हैं और अपनी घर की तरफ जा रहे हैं। पुलिस कप्तान की ओर से सजा के तौर पर आधे घंटे वहीं पर बैठा दिया। आधे घंटे बाद उन्हें शपथ दिलाई गई कि अब वह बिना मास्क नहीं घूमेंगे।

यहां से सुरक्षा व्यवस्था चेक करने के बाद एसएसपी जोगीवाला चौक पहुंचे, यहां भी सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त पाई गई। इस दौरान उन्होंने हिदायत भी दी कि रात को निकलने वाले हर वाहन की चेकिंग की जाए। यदि कोई संदिग्ध लगता है तो उसे थाने ले जाकर पूछताछ की जाए। कुछ अन्य पिकेज की चेकिंग करने के बाद वह निवास पर लौटे। मास्क न पहनने वालों को देंगे आधे घंटे की सजाएसएसपी खंडूड़ी ने बताया कि आकस्मिक चेकिंग आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि बिना मास्क के घूमने वालों पर चालान की बजाए उन्हें आधे घंटे वहीं पर सजा के तौर पर बैठाने की नई पहल शुरू की गई है। यदि किसी युवक का चालान किया जाता है तो इसका भार उसके स्वजनों पर पड़ेगा। यदि बिना मास्क घूमने वाले को सजा के तौर पर वहीं पर आधे घंटे बैठा दिया जाए तो उसे यह आगे से याद रहेगा।

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