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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सीएम धामी अचानक पहुंचे देहरादून नगर निगम, कार्यालय में मचा हड़कंप; बुजुर्गों से पूछीं समस्याएं

By Sunil NegiEdited By:
Published: Tue, 07 Sep 2021 11:43 AM (IST)Updated: Tue, 07 Sep 2021 09:21 PM (IST)

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज मंगलवार सुबह अचानक देहरादून नगर निगम के कार्यालय पहुंचे। यहां सीए ने कई कक्षों का ...और पढ़ें

आज मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून नगर निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
आज मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून नगर निगम कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।

जागरण संवाददाता, देहरादून। सुबह करीब साढ़े दस बजे। हफ्ते का दूसरा दिन मंगलवार। नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने और भवन कर जमा कराने को लोग अनुभाग में पहुंचने लगे। सामान्य गति से काम चल रहा कि इसी दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का काफिला नगर निगम पहुंचता है। नगर आयुक्त अभिषेक रूहेला अपने कक्ष में बैठे हुए थे। किसी को भनक तक नहीं कि मुख्यमंत्री परिसर में पहुंच गए हैं। गाड़ी से बाहर निकलते ही मुख्यमंत्री ने सबसे पहले उप नगर आयुक्त सोनिया पंत के कक्ष में प्रवेश किया। निगम कार्यालय में हड़कंप मच गया और नगर आयुक्त कक्ष से बाहर आकर सीधे मुख्यमंत्री के पास पहुंच गए। फिर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य अनुभाग व भवन कर अनुभाग पहुंचकर व्यवस्था देखी और कतार में लगे बुजुर्गों एवं सामान्य जन से बात कर समस्या जानी। 

करीब पंद्रह मिनट के आकस्मिक निरीक्षण में मुख्यमंत्री धामी ने जनता की परेशानी पर नगर आयुक्त को व्यवस्था शीघ्र दुरुस्त करने का निर्देश दिया। उप नगर आयुक्त के दफ्तर में निरीक्षण कर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य अनुभाग में पहुंचे। फिर वहां पहुंचे जहां जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जा रहे थे। वहां आमजन के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी तो मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। वहां से मुख्यमंत्री भवन कर अनुभाग पहुंचे और काउंटर कम होने पर नाराजगी जताई।

इस दौरान भवन कर जमा कराने आए कुछ बुजुर्गों से बातचीत की और पूछा कि निगम में काम कराने में किस तरह की परेशानी हो रही। हालांकि, भवन कर अनुभाग में भीड़ कम होने की वजह से आसानी से काम हो रहा था, इसलिए किसी व्यक्ति ने शिकायत नहीं की। मुख्यमंत्री ने काउंटर पर कार्य की टाइमिंग की जानकारी चस्पा करने के निर्देश दिए। साथ ही भवन कर जमा कराने आने वालों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नगर निगम में अपने विभिन्न कार्यों के लिए आने वाली जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

और भी कार्यालय निशाने पर

पिछले हफ्ते एमडीडीए और मंगलवार को नगर निगम के औचक निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी और कार्यालय भी उनके निशाने पर हैं। जनता की सुविधा व सेवा से जुड़े तमाम कार्यालयों में औचक निरीक्षण की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने कहा कि कार्यों के सरलीकरण, समाधान व निस्तारीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जन समस्या को किसी सूरत में लंबित नहीं रखा जाएगा।

महापौर को भी नहीं लगी भनक

नगर निगम शहर की सियासत का सबसे बड़ा अड्डा है। सौ वार्डों वाले नगर निगम में पिछले तीन कार्यकाल से भाजपा काबिज है। शहर के ज्यादातर कार्यक्रमों में महापौर सुनील उनियाल गामा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बगल में खड़े नजर आते हैं, मगर मंगलवार को मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बारे में महापौर को भी भनक नहीं लगी। स्थिति यह है कि मुख्यमंत्री उस वक्त निरीक्षण को पहुंचे, जब महापौर कार्यालय में नहीं थे।

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