देहरादून, [जेएनएन]: तीन लोक के स्वामी, श्री हरि प्रगट्यो बन यदुराई, नंद गांव में जसुदा नाई जायो कृष्ण कन्हाई, ब्रज में बजत बधाई...कान्हा के जन्म पर हर किसी श्रद्धालु ने इसी भाव के साथ खुशी मनाई। आधी रात में कान्हा के जन्म पर मंदिरों और घरों में पूजा-अर्चना हुई। घर-घर और मंदिरों में बंदनवार सजाए गए। सभी जगह नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल के स्वर गुंजते रहे। ज्यों ही रात 12 बजे कान्हा का जन्म हुआ। चारों ओर शंख व घंटों की गूंज ने वातावरण को आनंदित कर दिया। भक्तिमय गीतों से आकाश गुंजायमान हो उठा। दून के विभिन्न मंदिरों में नटखट कन्हैया के दर्शन करने का सिलसिला चलता रहा। 

कान्हा के जन्म के बाद शहद, घी, दही, दूध, गंगाजल आदि से उनकी मूर्ति को स्नान कराया गया। भगवान को आकर्षक परिधान पहनाकर भोग स्वरूप तुलसी दल, चरणामृत और 56 भोग अर्पित किए गए। इसके बाद कान्हा को झूले में झूलाकर पुष्प वर्षा की गई। दून के पटेल नगर स्थित श्याम सुंदर मंदिर, आदर्श मंदिर, गढ़ी कैंट स्थित सत्यनारायण मंदिर, किशन नगर चौक स्थित राधा-कृष्ण मंदिर, पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, टपकेश्वर महादेव समेत तमाम मंदिरों में कान्हा के जन्म की धूम रही। सुंदर झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रही। व्रतधारियों ने कान्हा की पूजा अर्चना कर व्रत खोला। मंदिरों और कॉलोनियों में कृष्णजन्मोत्सव का आयोजन किया गया। छोटे बच्चों ने कृष्ण और राधा की पोशाक पहन सुंदर कार्यक्रम पेश किए। इस मौके पर कृष्ण भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया।

श्रद्धालुओं ने निकाली धूमधाम से शोभायात्रा 

श्री सनातन धर्म मंदिर, प्रेमनगर की ओर से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य पर धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां सजाई गई। जिसमें बाल गोपाल की लीला, राधा-कृष्ण, गोकुल और ब्रजवासियों की झांकी आकर्षक का केंद्र थी। प्रेमनगर चौक में मंदिर में बाल गोपाल का चांदी के अष्टदल से अभिषेक कर सतरंगी पोशाक पहनाई गई। इस मनोहर दृश्य को देखकर कई श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इस अवसर पर माता यशोदा, गोविंद मेरो है, कान्हा तेरी बंसी आदि सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी। इस दौरान मंदिर के प्रधान सुभाष माकिन, संयोजक अवतार कृष्ण कौल, योगेश नागपाल, मन्नू भाटिया, उदय दत्ता, विनोद कुमार, विक्की खन्ना, फकीर चंद, हरीश कोहली आदि मौजूद रहे। श्रीमद् भागवत कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु पटेल नगर स्थित श्री आदर्श मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। 

शनिवार को महिलाओं ने कलश यात्रा निकालकर श्रीमद् भागवत कथा की शुरुआत की। मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद शाम के समय कथावाचक पंडित ललित सारस्वत ने कथा में सुखदेव और वेदव्यास का प्रसंग सुनाया। इस मौके पर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। इस दौरान प्रबंधक अरुण कुमार, अध्यक्ष मंगतराम धीमान, राजू सभरवाल, मीडिया प्रभारी प्रवीण आनंद, अशोक वर्मा, मुन्नालाल, सतपाल, राजीव आदि मौजूद रहे। उधर, धर्मपुर चौक स्थित प्राचीन श्री शिव मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा में कथाव्यास नत्थी प्रसाद उनियाल ने राजा परिक्षित और कलयुग के प्रवेश का दृष्टांत सुनाया। इस दौरान देवेंद्र अग्रवाल, रामकुमार, जय प्रकाश बंसल, मदन गोपाल, सुनील कौशिक, सीतराम भट्ट आदि मौजूद रहे।

रुड़की में जन्माष्टमी की धूम

शहर और आसपास के क्षेत्रों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया। श्रद्धालु उपवास रख कान्हा की भक्ति में मग्न दिखाई दिए। श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर सिविल लाइंस स्थित श्री जीवन मुक्त प्रेम मंदिर एवं शिव मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर, राम मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों को भव्य रूप दिया गया। वहीं मंदिरों में मनमोहक झांकियां भी निकाली गर्इ। रात्रि में  मंदिरों में धूमधाम और श्रद्धापूर्वक भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। 

राज्‍यपाल ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी

उत्तराखंड की राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने प्रदेश वासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्‍होंने अपने संदेश में कहा, भगवान श्री कृष्ण कर्म योगी थे, उन्होंने “कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन “ उपदेश दिया। उन्होंने मानव को फल की कामना से विरक्त रहते हुए अपना कर्म करने का उपदेश दिया। इसकी आज समाज और राष्ट्र को बड़ी आवश्यकता है। हम में से प्रत्येक नागरिक समाज और राष्ट्र के लिए अपना कर्म करे, अपने दायित्वों का निर्वहन करें एवं भारत वर्ष को और शक्तिशाली तथा समृद्ध बनाने में अपना योगदान दें।

मुख्‍यमंत्री ने प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शुभकामनाएं दी

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। इस अवसर पर जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पवित्र त्यौहार लोगों को भगवान श्री कृष्ण की शिक्षाओं का स्मरण करने और सार्वभौमिक भाईचारे और शांति की भावना को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण के जीवन से हमें ज्ञान, कर्म, प्रेम, भक्ति और सद्भावना की प्रेरणा मिलती है। मानव जाति के कल्याण के लिए श्रीमदभगवद् गीता में भगवान श्रीकृष्ण का दिव्य संदेश निहित है। इस संदेश के माध्यम से भगवान में श्रद्धा रखने एवं अंतिम सत्य को जानने का प्रयास करने के साथ ही फल की चिंता किये बिना अपना कर्तव्य पूरी निष्ठा के साथ पूर्ण करने की सलाह दी गई है। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं और दर्शन आज भी प्रासंगिक हैं और हमें एक सफल जीवन जीने के लिए उनका पालन करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने मनुष्य को निष्काम कर्म के लिए सदैव समर्पित रहने, दीन-दुखियों एवं समाज के उपेक्षित वर्ग के कल्याण तथा अन्याय के विरूद्ध प्रतिकार करने का संदेश दिया है। उनका जीवन सम्पूर्ण मानव जाति के लिए प्रेरणादायी हैं। 

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