देहरादून, [राज्य ब्यूरो]: प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर उत्तराखंड को वन प्रदेश घोषित कर स्थानीय निवासियों को वनवासी का दर्जा देने की मांग की है। 

जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे गए इस पत्र में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दून आगमन और वन अनुसंधान संस्थान को योग दिवस के लिए चुनने पर आभार जताते हुए किशोर उपाध्याय ने कहा कि राज्य बने हुए 17 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि स्थानीय समुदाय अपने जीवन की मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्षरत है।

30 मई को तिलाड़ी आंदोलन की वर्षगांठ पर 500 से अधिक सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों समेत 75 सामाजिक संगठनों ने दून में गोष्ठी कर सर्वसम्मति से मांगपत्र तैयार किया। इसमें दो तिहाई हिस्सा वनाच्छादित होने की वजह से उत्तराखंड को वन प्रदेश घोषित करने की मांग की गई है। 

पत्र में कहा गया कि राज्य आंदोलन की मूल भावना भी यही थी कि वन एवं प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय समुदाय का अधिकार हो। इससे रोजगार बढ़ेगा और स्थानीय निवासियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसी बुनियादी समस्याओं का निदान होगा। आखिरकार इससे पलायन भी रुकेगा।

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