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    देहरादून: भारी हंगामे के बीच सील हुई कालरा स्वीट शाप, हाथापाई तक पहुंचा मामला

    By Raksha PanthriEdited By:
    Updated: Sat, 14 Aug 2021 09:02 AM (IST)

    बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण कराने वालों पर छावनी परिषद देहरादून ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। शुक्रवार को कैंट बोर्ड की टीम ने भारी हंगामे के बीच प्रेमनगर स्थित कालरा स्वीट शाप के चार फ्लोर और बेसमेंट को सील किया।

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    देहरादून: भारी हंगामे के बीच सील हुई कालरा स्वीट शाप, हाथापाई तक पहुंचा मामला।

    जागरण संवाददाता, देहरादून। बिना नक्शा पास कराए अवैध निर्माण कराने वालों पर छावनी परिषद देहरादून ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। शुक्रवार को कैंट बोर्ड की टीम ने भारी हंगामे के बीच प्रेमनगर स्थित कालरा स्वीट शाप के चार फ्लोर और बेसमेंट को सील किया। इस दौरान कार्रवाई करने पहुंची टीम व व्यापारियों के बीच तीखी नोकझोंक व धक्कामुक्की हुई। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। स्थिति यह थी कि करीब 11 बजे से ढाई बजे तक हंगामा चलता रहा।

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    बीते फरवरी माह में उक्त दुकान में आग लग गई थी। आग लगने के बाद दुकान मालिक ने मरम्मत की आड़ में अवैध चार मंजिला इमारत के साथ ही उसमें बेसमेंट बना डाला, जिसकी शिकायत कैंट बोर्ड तक पहुंची। जिस पर बोर्ड ने मालिक से जवाब मांगा और दस्तावेज दिखाने को कहा। ऐसा न कर पाने पर बोर्ड ने सीलिंग का नोटिस दिया। शुक्रवार को कार्यालय अधीक्षक शैलेंद्र शर्मा के नेतृत्व में कैंट बोर्ड की टीम भारी पुलिस फोर्स और सेना के क्यूआरटी टीम के साथ प्रेमनगर पहुंची। टीम के पहुंचने से पहले ही वहां बड़ी संख्या में व्यापारी इकट्ठा हो चुके थे। जैसे ही टीम सीलिंग के लिए मौके पर पहुंची तो दुकान मालिक और व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया।

    व्यापारियों का कहना था कि कैंट बोर्ड ने उनकी बात को नजरअंदाज किया। आवेदन करने के बाद भी उसका जवाब नहीं दिया और सीधे नोटिस भेजकर सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी। आग लगने के कारण दुकान को खतरा हो गया था। जिसके बाद ही मरम्मत की गई। जबकि कैंट बोर्ड की ओर से मौके पर पहुंची अधिवक्ता का कहना था कि संबंधित को दुकान के दस्तावेजों के साथ आवेदन के लिए कहा गया था, जो वह नहीं कर पाए। जो भी निर्माण हुआ है वह बिना कैंट बोर्ड की अनुमति और बिना नक्शे किया गया है। इस बात को लेकर काफी देर तक बहस चलती रही। बाद में टीम ने पहले चौथी, तीसरी व दूसरी मंजिल और बाद में बेसमेंट को सील किया।

    प्रथम तल की सीलिंग को लेकर धक्कामुक्की

    कैंट बोर्ड की टीम ने जैसे ही प्रथम तल को सील करना शुरू किया तो दुकान स्वामी और व्यापारी आक्रोशित हो गए। उन्होंने कैंट बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। टीम आगे बढ़ी तो गेट पर दुकान के कर्मचारियों और महिलाओं को खड़ा कर दिया गया। उनके साथ धक्कामुक्की भी की गई। मामला हाथापाई तक पहुंच गया, लेकिन पुलिस ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। व्यापारियों का कहना था कि इस तल पर कर्मचारी रहते हैं। अगर इसे सील कर दिया गया तो वह कहां रहेंगे। साथ ही कहा कि यह पुराना हिस्सा है, लेकिन बोर्ड के कर्मचारियों ने इसे भी सील किया।

    सीईओ ने संभाले रखा मोर्चा

    निर्माण सील करने पहुंची टीम के तेवर व्यापारियों के आगे नरम पडऩे लगे थे। एक बार टीम वापस लौटने की तैयारी करने लगी। इस बीच किसी ने इसकी सूचना सीईओ तनु जैन को दे दी। सीईओ ने तुरंत अपने वकील व कार्यालय अधीक्षक को फोन किया और मजबूती से अपना पक्ष रखते हुए पूरी बिल्डिंग सील करने के बाद ही वापस आने के निर्देश दिए। कार्रवाई रोकने के लिए सीईओ को मंत्री, विधायकों, नेताओं और अफसरों के फोन आते रहे, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया।

    सीलिंग से छेड़छाड़ हुई तो मुकदमा

    सीईओ ने कहा कि कोई भी सीलिंग से छेड़छाड़ करता है, तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रेमनगर में सभी अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सीलिंग के बाद अब अवैध निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

    समर्थन में उतरे नेता

    कालरा स्वीट शाप के समर्थन में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, लालचंद शर्मा सहित अन्य नेताओं ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का विरोध किया। उनका कहना था कि संचालक के साथ गलत हुआ है। दुकान में आग लगने के बाद दुकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। अगर मरम्मत नहीं की जाती तो पूरी दुकान टूट जाती। कैंट बोर्ड से मरम्मत की अनुमति भी मांगी थी, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई।

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