यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पुलिस के फर्जी आइकार्ड से ठगी कर रहे थे ईरानी गैंग के ठग, पढ़िए पूरी खबर
पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र में बुजुर्ग महिला से ठगी करने वाले ईरानी गैंग के दोनों ठगों को पुलिस शनिवार को देहरादून ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, देहरादून। पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र में बुजुर्ग महिला से ठगी करने वाले ईरानी गैंग के दोनों ठगों को पुलिस शनिवार को देहरादून लेकर आई। पूछताछ में पता चला कि ठगों ने उत्तराखंड पुलिस के आइ कार्ड बनाए हुए थे। इन्हीं के जरिये ठग भोले भाले व्यक्तियों को ठगी का शिकार बनाते थे।
कोतवाली प्रभारी प्रदीप राणा ने बताया कि बंजारावाला निवासी महिला विमला जसोला से गहने ठगने वाले ईरानी मोहल्ला निवासी जाकिर उर्फ सलमान उर्फ एक्टर को मुंबई उसके घर से जबकि, इकबाल को मोहल्ला लखबाड़ा देवबंद से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान जाकिर ने बताया कि इकबाल जो भी गहने लाता था उन्हें बेचने की जिम्मेदारी इकबाल व तालिब की होती थी। मोटर साइकिल व फर्जी पुलिस आइ कार्ड भी तालिब ने ही उपलब्ध करवाए।
बुजुर्ग महिला से गहने ठगने के बाद जाकिर ने सारे गहने इकबाल को दे दिए। इकबाल ने जाकिर को 60 हजार रुपये दिए थे, जिसके बाद जाकिर मुंबई चला गया। पुलिस ने इकबाल की निशानदेही पर उसके जीजा तालिब के घर से घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल व फर्जी पुलिस आइडी के अलावा ठगी किए गए गहने बरामद कर लिए हैं। तालिब पुलिस के आने की खबर लगते ही फरार हो गया था, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें रवाना की गई हैं।
चश्मे की फेरी लगाता था इकबाल
पूछताछ में पता लगा है कि आरोपित इकबाल देवबंद में ही चश्मे की फेरी लगाता था। जिस राज्य में वह ठगी की घटना को अंजाम देने जाते थे वहां की पुलिस के फर्जी आइडी कार्ड बना लेते थे, ताकि यदि कोई उन्हें रोके तो या जिसके साथ ठगी करनी हो, उसे आइ कार्ड दिखाकर भरोसे में ले सकें। इकबाल के खिलाफ पहले ही कैंट कोतवाली व पटेलनगर कोतवाली में मुकदमे दर्ज हैं।
