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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

India New CDS: अनिल चौहान भारतीय सैन्‍य अकादमी से वर्ष 1981 में हुए थे पासआउट, 11 गोरखा राइफल्स की थी ज्‍वाइन

By JagranEdited By: Sunil Negi
Published: Wed, 28 Sep 2022 08:29 PM (IST)

India New Chief of Defence Staff लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को (सेनि) को देश का अगला सीडीएस नियुक्त किया है। ...और पढ़ें

लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (रिटायर्ड) वर्ष 1981 में देहरादून स्‍थि‍त भारतीय सैन्‍य अकादमी (आईएमए) से पासआउट हुए थे।
लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (रिटायर्ड) वर्ष 1981 में देहरादून स्‍थि‍त भारतीय सैन्‍य अकादमी (आईएमए) से पासआउट हुए थे।

जागरण संवाददाता, देहरादून। India New Chief of Defence Staff:   उत्‍तराखंड के पौड़ी जनपद के रहने वाले नव नियुक्‍त सीडीएस लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (रिटायर्ड) वर्ष 1981 में देहरादून स्‍थि‍त भारतीय सैन्‍य अकादमी (आईएमए) से पासआउट हुए थे। उन्‍होंने 11 गोरखा राइफल्स में कमीसंड अफसर के रूप में ज्वाइन किया था।

उत्‍तराखंड के पौड़ी जनपद के हैं रहने वाले

लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) अनिल चौहान ग्राम गवाणा, पट्टी चलनस्यूं ब्लॉक खिर्सू पौड़ी जनपद के रहने वाले हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा कोलकाता के फोर्ट विलियम स्थित केंद्रीय विद्यालय में ही हुई है। अनिल चौहान ने 1981 में 11 गोरखा राइफल्स में कमीसंड अफ़सर के रूप में ज्वाइन किया था।

1981 में भारतीय सैन्य अकादमी से हुए पास आउट

देहरादून स्‍थि‍त भारतीय सैन्‍य अकादमी (आईएमए) के पूर्व कमांडेंट एवमं त्रिवेंद्र सरकार में सैन्य सलाहकार रहे ले जनरल जयवीर नेगी (रिटायर्ड) नव नियुक्त सीडीएस के बैचमेट रहे हैं। वह दोनों 1981 में भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट हुए थे।

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नव नियुक्त सीडीएस एक ऊर्जावान अधिकारी

ले जनरल जयवीर नेगी (रिटायर्ड) का कहना है की नव नियुक्त सीडीएस एक ऊर्जावान, पेशेवर व सक्षम अधिकारी रहे हैं। यह नियुक्ति उनके अनुभव, ज्ञान और क्षमताओं का प्रतिफल है। यदि एक इंसान के रूप में देखें तो वह एक उत्कृष्ट व्यक्तित्व है।

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अनिल चौहान का रहा है शानदार रिकॉर्ड

अनिल चौहान का रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। उन्हें सेना में बेहतर सेवा के लिए विशिष्ठ, अति विशिष्ट, उत्तम युद्ध सेवा मेडल मिल चुका है। यूएन के पीस कीपिंग मिशन के दौरान वो अंगोला में मिल्ट्री ऑब्जर्वर के रूप में सेवाए दे चुके हैं। अनिल चौहान ने परमाणु हमले और परिणाम पर आधारित पुस्तक भी लिखी है। वह युद्ध कला के वे विशेषज्ञ माने जाते हैं।

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