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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जीवन के लिए घातक हो सकता है दवाइयों का गलत प्रयोग

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Wed, 20 Feb 2019 05:09 PM (IST)Updated: Thu, 21 Feb 2019 08:47 AM (IST)

दवाइयों का गलत इस्तेमाल जिंदगी के लिए घातक हो सकता है। ये कहना है एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रविकांत का।

जीवन के लिए घातक हो सकता है दवाइयों का गलत प्रयोग
जीवन के लिए घातक हो सकता है दवाइयों का गलत प्रयोग

ऋषिकेश, जेएनएन। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में दवाओं के प्रयोग में गलतियों और विसंगतियों के घातक प्रभाव विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने इस तरह की घटनाओं से होने वाले शारीरिक नुकसान और बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस दौरान एम फार्मा के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक  प्रस्तुति कर संदेश दिया। 

संस्थान के फार्माकोलॉजी विभाग की ओर से आयोजि संगोष्ठी में एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रविकांत ने कहा कि मरीजों की देखभाल की गुणवत्ता में सुधार के लिए फार्माकोलॉजी विभाग बेहतर टीम वर्क कर रहा है। जिसके तहत औषधि विज्ञान विभाग नर्सिंग स्टाफ को दवाओं के दुष्परिणाम व औषधीय सुरक्षा पर प्रशिक्षित कर रहा है।

उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य औषधीय सुरक्षा और सुरक्षित दवाओं के अभ्यास के प्रति प्रतिभागियों को जागरूक करना है। इस दौरान विशेषज्ञों ने दवाइयों के गलत इस्तेमाल, दवा लेने में विसंगति, दवाइयों के विक्रय के समय होने वाली गलतियों, समय पर दवा नहीं लेने के दुष्प्रभाव, चिकित्सक के परामर्श के अनुपालन में होने वाली त्रुटियों को रोकने और इससे बचने के उपाय बताए। 

विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र हांडू ने बताया कि विभाग दवाइयों से होने वाले दुष्प्रभावों की निगरानी, पहचान और अध्ययन भी करता है। संगोष्ठी में प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की प्रतिकूल स्थितियों के अवलोकन के साथ ही रिपोर्टिंग का प्रशिक्षण दिया गया। विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर पुनीत धमीजा और राजेंद्र कुमार ने दवाइयों के उत्पादन में गुणवत्ता व इस कार्य में खामियां बरतने पर होने वाले दुष्प्रभाव बताए। फार्माकोविजिलेंस एसोसिएट पल्लवी श्रीवास्तव ने दवाइयों के उपयोग को लेकर सतर्कता व दुष्प्रभावों के बारे में बताया। संगोष्ठी में डीएमएस डॉ. अनुभा अग्रवाल, डॉ. सुमित, पंकज पंत, अनुराग, गायत्री, मीना, मनीषा, ऋतु आदि मौजूद थे। 

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