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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देहरादून: STF ने खंगाला माफिया का रिकॉर्ड, गिरफ्तार आरोपितों की जमानत पर फैसला होगा आज

By Raksha PanthariEdited By:
Published: Tue, 24 Nov 2020 09:05 AM (IST)Updated: Tue, 24 Nov 2020 01:47 PM (IST)

ई-रवन्ना पोर्टल पर फर्जी आइडी बनाकर अवैध खनन करने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सोमवार को आरोपित ...और पढ़ें

ई-रवन्ना पोर्टल पर फर्जी आइडी बना अवैध खनन का मामला।
ई-रवन्ना पोर्टल पर फर्जी आइडी बना अवैध खनन का मामला।

देहरादून, जेएनएन। ई-रवन्ना पोर्टल पर फर्जी आइडी बनाकर अवैध खनन करने के मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने सोमवार को आरोपित खनन माफिया का रिकॉर्ड खंगाला। इसके लिए एसटीएफ की टीम खनन और आइटी विभाग पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए। वहीं, दूसरी तरफ, इस मामले में जिन तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। उनकी पुलिस कस्टडी रिमांड (पीसीआर) के लिए एसटीएफ जेल पहुंची।

इस दौरान पता चला कि न्यायालय में आरोपितों की जमानत की अर्जी लगी हुई है, जिस पर मंगलवार (आज) को सुनवाई होनी है। ऐसे में एसटीएफ को आरोपितों की पीसीआर नहीं मिल सकी। आरोपित खनन माफिया के खिलाफ एकत्र किए गए साक्ष्य एसटीएफ न्यायालय में प्रस्तुत करेगी ताकि उनकी जमानत न हो सके। इसके बाद ही आरोपितों की पीसीआर ली जा सकेगी।

एसटीएफ की उप महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल ने बताया कि इसी वर्ष 14 जुलाई को भूतत्व एवं खनिकर्म अधिकारी रश्मि प्रधान ने अवैध खनन की शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि विभाग के ई-रवन्ना पोर्टल पर फर्जी आइडी का इस्तेमाल कर अवैध खनन किया जा रहा है। इस मामले में एसटीएफ ने शनिवार को दिलीप कुमार निवासी रेशम माजरी, सतीश कुमार लोधी निवासी कुड़कावाला और अनुज पाल निवासी रेशम माजरी को गिरफ्तार किया था। आरोपितों के खिलाफ काफी साक्ष्य एकत्र किए गए हैं।

फ्लाईओवर के नीचे मिली टैक्सी स्टैंड को जगह

आइएसबीटी के आसपास टैक्सी-मैक्सी कैब से लगने वाले जाम से शायद अब निजात मिल सकेगी। महापौर सुनील उनियाल गामा ने वहां फ्लाईओवर के नीचे टैक्सी-मैक्सी वालों के लिए स्टैंड मंजूर कर लिया है। सोमवार को महापौर ने इसका उद्घाटन किया।

आइएसबीटी से रोजाना करीब पांच सौ बसों का संचालन होता है। इसके अलावा बाहर से निजी बसें, सिटी बसें, विक्रम और ऑटो समेत टैक्सी-मैक्सी का संचालन भी होता है। टैक्सी-मैक्सी के लिए कोई नियत स्थान न होने से ये इधर-उधर खड़े होकर जाम का सबब बनती हैं।

ऐसी स्थिति होने पर पुलिस भी इनके विरुद्ध चालान करती है। इसे लेकर देवभूमि टैक्सी मालिक जन सेवा समिति ने पिछले दिनों महापौर गामा से मुलाकात कर फ्लाईओवर के नीचे एक नियत स्थान टैक्सी स्टैंड के लिए देने की मांग की थी। महापौर ने स्टैंड मंजूर करते हुए नगर निगम अधिकारियों को जगह का चयन करने के निर्देश दिए थे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद सोमवार को महापौर ने स्टैंड का उद्घाटन किया। उन्होंने टैक्सी चालकों को निर्देश दिए कि स्टैंड के बाहर कोई भी टैक्सी खड़ी न की जाए। इस दौरान समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र दत्त बहुगुणा और खलीक अहमद समेत अश्वनी ममगाई, तसलीम आदि मौजूद रहे।

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