जागरण संवाददाता, देहरादून: सरकार की ओर से किए गए आइएएस अफसरों के तबादले के एक सप्ताह बाद दीपक रावत ने ऊर्जा निगम और पिटकुल के प्रबंध निदेशक (एमडी) का कार्यभार ग्रहण कर ही लिया। पहले यह माना जा रहा था कि रावत इससे नाखुश हैं और सरकार उनका एमडी पद का आदेश निरस्त कर उन्हें दूसरी जिम्मेदारी दे सकती है, लेकिन सभी कयास पर सोमवार को दीपक रावत के कार्यभार ग्रहण करते ही विराम लग गया।

सोमवार को उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) के नए एमडी दीपक रावत ने निगम मुख्यालय पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया। वरिष्ठ आइएएस दीपक रावत को राज्य सरकार ने यूपीसीएल व पिटकुल के एमडी के साथ ही उरेडा के निदेशक की जिम्मेदारी भी सौंपी है। चूंकि, रावत आदेश होने के एक सप्ताह तक भी कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे तो ऊर्जा निगम के अधिकारियों को लग रहा था कि अब रावत नहीं बल्कि सीधे दूसरे प्रबंध निदेशक की तैनाती होगी। ..मगर सोमवार सुबह करीब 11 बजे रावत जब ऊर्जा निगम मुख्यालय चार्ज लेने पहुंचे तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। रावत को सख्त छवि का अधिकारी माना जाता है इसलिए उनके पहुंचते ही अधिकारी यहां से वहां अपने-अपने पटलों पर पहुंच गए और फाइलें टटोलने लगे। हालांकि, दीपक रावत ने पहले दिन आला अधिकारियों से केवल अनौपचारिक बातचीत की और निगम की मौजूदा परिस्थिति की जानकारी ली। रावत के कार्यभार लेने से निगम की कार्यशैली में सुधार की उम्मीद की जा रही।

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Edited By: Raksha Panthri