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    उम्मीदें 2026: उत्तराखंड में बनेंगे नये शहर, पहाड़ को विकास की नयी आस

    Updated: Fri, 02 Jan 2026 03:03 PM (IST)

    उत्तराखंड में शहरी जनसंख्या वृद्धि के कारण राज्य सरकार शहरी विस्तार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। 2026 तक नए शहरों की स्थापना की उम्मीद है। गैरसैंण, उत ...और पढ़ें

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    गैरसैंण, उत्तरकाशी व पिथौरागढ़ को राज्य सरकार स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने जा रही। जागरण आर्काइव

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। राज्य में शहरी जनसंख्या में पिछले वर्षों में लगभग 15 लाख से ज्यादा की वृद्धि हुई है। अब राज्य सरकार की प्राथमिकता शहरी विस्तार पर है। नया वर्ष उत्तराखंड में नए शहरों की स्थापना के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।

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    नये शहरों की स्थापना का संकल्प तो प्रदेश सरकार ने काफी पहले लिया था, लेकिन नीतिगत तथा व्यावहारिक समस्याओं के कारण इस दिशा में कदम नहीं बढ़ाया जा सका। दिसंबर माह में टाउन और लैंड पूल पालिसी में बदलाव कर कदम आगे बढ़ाए गए। राज्यवासियों को प्रबल उम्मीद है कि वर्ष 2026 में नये शहरों को स्थापित करने की कार्ययोजना मूर्तरूप ले सकेगी।

    शहरों के विकास के लिहाज से वर्ष 2025 में सरकार काफी बदलाव करने की तैयारी में है। नये शहर बसाने तक कार्ययोजना सीमित नहीं है, बल्कि शहरीकरण और जनसंख्या दबाव को संभालने के लिए गैरसैंण, उत्तरकाशी व पिथौरागढ़ को राज्य सरकार स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने जा रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी की पहल पर परियोजना का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। मुख्य रूप से गैरसैंण (भराड़ीसैंण), उत्तराखंड को स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।

    यहां आधुनिक शहरी सुविधाओं और बेहतर जीवन-मानकों के साथ विकास होगा। इसी तरह, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों में भी स्मार्ट सिटी-कांसेप्ट के साथ विकास से बुनियादी ढांचे, पर्यटन, रोजगार और निवेश के अवसरों में वृद्धि होने की संभावना है।

    विस्तृत योजनाओं में सड़क नेटवर्क, डिजिटल सेवाएं, स्वच्छ जल आपूर्ति, बेहतर परिवहन और रोजगार केंद्रित क्षेत्रों को शामिल करने की तैयारी है। इन शहरों को विकसित करने के लिए आगामी बजट में संसाधन आवंटित किए करने की उम्मीद है। इसके अलावा पुराने शहरों का कायाकल्प करने की परियोजना पर भी आवास विभाग कार्य कर रहा है।

    शहरों में सुधरेगा कचरा प्रबंधन
    राज्य सरकार शहरी बुनियादी ढांचे, आवास, स्वच्छता, रोजगार और समग्र जीवन-गुणवत्ता सुधारने के लिए कई योजनाओं को क्रियान्वित कर रही है। नए वर्ष में इन योजनाओं का व्यापक असर नजर आएगा। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत शहरों में कचरा प्रबंधन, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, स्मार्ट टायलेट और प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट जैसी गतिविधियां लागू होंगी। इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और साफ-सफाई में सुधार होगा।

    23 हजार बेघरों को मिलेगी छत
    प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में अब तक लगभग 34,000 से अधिक शहरी घर बनाए जा चुके हैं, और दूसरे चरण से लाभार्थियों को बढ़ी हुई अनुदान सहायता मिल रही है। अभी 23 हजार मकान निर्माणाधीन हैं, इससे गरीब व मध्यम-आय वर्ग के लिए सुरक्षित आवास हासिल करना आसान होगा।

    छोटे व्यवसायियों का होगा वित्तीय सशक्तिकरण
    शहरों में पीएम स्वनिधि योजना के तहत छोटे व्यवसायियों का वित्तीय सशक्तिकरण किया जा रहा है, लगभग 42,790 से अधिक शहरी विक्रेताओं को 65.61 करोड़ से अधिक के ऋण दिए जा चुके हैं। बैंकों ने क्यूआर कोर्ड के जरिए डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा दिया है। कई लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी जोड़ा गया है। नए साल में पीएम स्वनिधि योजना-2.0 के तहत इस योजना के विस्तार से करीब 70 हजार नए रेहड़ी पटरी संचालकों को लाभ मिलेगा।

    पेयजल, सीवरेज व सार्वजनिक सुविधाओं में होगा सुधार
    अमृत योजना 1.0 व 2.0 के तहत जलआपूर्ति तंत्र, सीवर लाइन व पार्क विकसित करने का काम चल रहा है। अनुमोदित 151 परियोजनाओं में से कई कार्य पूरे हो चुके हैं। अमृत -2.0 के तहत कई जलापूर्ति तथा सीवर सुधार कार्य प्रगति पर हैं। इससे नए साल में पेयजल, सीवरेज और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार होगा।

    बदलाव की बड़ी उम्मीदें

    - हर शहर में साफ-सुथरी सड़कें और सार्वजनिक स्थान
    - सुरक्षित, स्वच्छ पीने का पानी और सीवर नेटवर्क
    -खासकर गरीबों के लिए खुद का घर पाने का अवसर
    - आत्म-निर्भर छोटे व्यापारियों को वित्तीय सहायता
    - युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार और कौशल अवसर

    नया साल नए शहर की स्थापना के संकल्प को मूर्तरूप देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। यह प्रयास है कि लैंडबैंक व टाउन प्लानिंग पालिसी में किए गए बदलावों के जरिए इस दिशा में कदम बढ़ाया जा सके।
    -आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव-आवास

    नए वर्ष में शहरों में स्वच्छता से लेकर पीएम स्वनिधि तक शहरी विकास विभाग की योजनाओं का व्यापक स्तर पर शहरवासियों को लाभ दिलाने की तैयारी है।
    --संतोष बडोनी, अपर सचिव, शहरी विकास