विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Chardham Yatra 2021: उत्‍तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू, पहले दिन 1324 ने किए दर्शन

By Sunil NegiEdited By:
Published: Sat, 18 Sep 2021 12:04 PM (IST)Updated: Sat, 18 Sep 2021 09:40 PM (IST)

Chardham and Hemkund Sahib Yatra 2021 उत्‍तराखंड में आज से चारधाम और हेमकुंड यात्रा शुरू हो गई है। अभी तक ...और पढ़ें

शनिवार से चारधाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा शुरू हो गई।
शनिवार से चारधाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा शुरू हो गई।

जागरण संवाददाता, देहरादून। Chardham and Hemkund Sahib Yatra 2021: चारधाम यात्रा शुरू होने के साथ ही चारों धाम और यात्रा पड़ावों पर रौनक बिखरने लगी है। पहले दिन 1324 श्रद्धालुओं ने कोविड गाइडलाइन के अनुसार चारों धाम में दर्शन किए। इनमें 836 श्रद्धालु उत्तराखंड व 488 अन्य राज्यों से हैं। सर्वाधिक 498 श्रद्धालु केदारनाथ, 400 बदरीनाथ, 176 गंगोत्री व 250 यमुनोत्री धाम पहुंचे। फिलहाल यात्रियों की संख्या सीमित होने के कारण चारों धाम में उनके रहने की पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं। उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के अनुसार बदरीनाथ में 1500, केदारनाथ में 800, गंगोत्री में 1000 व यमुनोत्री में सिर्फ 50 श्रद्धालुओं के रहने की व्यवस्था है। वैसे यमुनोत्री जाने वाले यात्री उसी दिन जानकीचट्टी लौट आते हैं।

बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं ने भगवान नारायण के दर्शनों के साथ ही ब्रह्मकपाल तीर्थ में पितरों की आत्मशांति को पिंडदान व तर्पण भी किया। ब्रह्ममुहूर्त में मुख्य पुजारी रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने भगवान नारायण की अभिषेक व अन्य पूजाएं संपन्न करार्इं। इसके बाद दर्शनों का सिलसिला शुरू हुआ। दर्शनों के बाद श्रद्धालुओं ने देश के अंतिम गांव माणा समेत आसपास के तीर्थ स्थलों का भ्रमण भी किया। धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि श्रद्धालुओं में दर्शनों को लेकर भारी उत्साह है। बंगाल से लेकर केरल तक के श्रद्धालु दर्शनों को पहुंच रहे हैं। मंदिर में प्रार्थना कक्ष के बाहर ही श्रद्धालुओं को प्रसाद व तुलसी माला दी जा रही है।

केदारनाथ धाम के लिए पहले दिन दोपहर दो बजे तक 450 श्रद्धालु सोनप्रयाग से रवाना हुए। जिलाधिकारी मनुज गोयल ने बताया कि केदारनाथ पैदल मार्ग में कुछ स्थानों पर मलबा आ रखा था, जिसे हटा दिया गया है। देवस्थानम बोर्ड के कार्याधिकारी एनएस जमलोकी ने बताया कि कोविड गाइडलाइन का पालन करने के बाद ही श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शनों की अनुमति दी जा रही है।

गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में भी पहले दिन स्थानीय श्रद्धालु ही ज्यादा पहुंचे। टिहरी जिले से 40 श्रद्धालु अपने ईष्ट के साथ गंगोत्री धाम पहुंचे। सूरत (गुजरात) से आए बीना बहन व मुकेश पटेल ने बताया कि वे 15 सितंबर को हरिद्वार पहुंचे थे। 16 सितंबर को यात्रा शुरू होने की जानकारी मिली तो शनिवार को गंगोत्री पहुंच गए। यहां उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। यमुनोत्री धाम के लिए अभी घोड़ा-खच्चर, डंडी-कंडी संचालन की व्यवस्था रोटेशन के हिसाब से शुरू नहीं हुई है। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि जल्द यात्री व्यवस्थाएं बहाल हो जाएंगी।

चारधाम यात्रा को लेकर उत्साह, पहले दिन 19 हजार ई-पास जारी

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने में आ रहा है। उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड की ओर से पहले ही दिन जारी किए गए 19491 ई-पास इसकी बानगी है। बोर्ड फिलहाल चारों धामों में दर्शन के लिए 15 अक्टूबर तक की ही बुकिंग ले रहा है। केदारनाथ धाम के लिए पहले ही दिन दस हजार से ज्यादा ई-पास जारी किए गए।

मंडलायुक्त एवं देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के सीईओ रविनाथ रमन के अनुसार यात्रा के लिए बोर्ड ई-पास जारी कर रहा है। पहले दिन जारी किए गए ई-पास में अधिकांश महाराष्ट्र, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, असम, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हिमाचल समेत अन्य राज्यों के यात्रियों के हैं। उन्होंने बताया कि अभी बोर्ड 15 अक्टूबर तक की बुकिंग ले रहा है। देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा हरीश गौड़ ने बताया कि शनिवार को केदारनाथ धाम के लिए 10010, बदरीनाथ के लिए 4830, गंगोत्री के लिए 2375 और यमुनोत्री के लिए 2276 ई-पास जारी किए गए।

यह भी पढ़ें:- Chardham Yatra 2021: चारधाम यात्रा पर आ रहे तीर्थयात्री रिश्तेदारों और मित्रों के घर पर ठहरने से बचें, यहां जानिए पूरी एसओपी