देहरादून, जेएनएन। उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से मौसम सुहावना बना हुआ है। इससे जून माह में भी लोगों को गर्मी का अहसास नहीं हो रहा है। वहीं, मौसम विभाग ने पांच जून को भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी है। 

इन दिनों हर दिन उत्तराखंड के पर्वतीय से लेकर मैदानी इलाकों में हल्की बारिश हो रही है। इससे तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार की सुबह भी गढ़वाल और कुमाऊं के पर्वतीय इलाकों के साथ ही मैदानी इलाकों में बादलों ने डेरा जमाया हुआ है। ऐसे में इस बार गर्मी जोर नहीं पकड़ पाई। 

मंगलवार को भी दोपहर बाद मूसरी, देहरादून के साथ ही उत्तरकाशी और चमोली के कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ों में बारिश के आसार बन रहे हैं। विशेषकर कुमाऊं में पांच और छह जून को भारी बारिश की आशका है। इस दौरान दून समेत अन्य मैदानी इलाकों में तेज हवाएं चलने के आसार हैं। 

मौसम में आए बदलाव से तापमान ने भी गोता लगाया है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में औसतन तीन से पाच डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। हालांकि, मंगलवार को धूप खिलने से मैदानों में अधिकतम पारा थोड़ा चढ़ा, लेकिन शाम के हवाएं चलने से गर्मी महसूस नहीं की गई। 

राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार छह जून तक मौसम के मिजाज में कोई परिवर्तन नहीं आने वाला है। इसके अलावा उम्मीद जताई जा रही है कि प्रदेश में मानसून निर्धारित समय पर दस्तक दे सकता है। 

55 फीसद अधिक हो चुकी बारिश 

देहरादून स्थित राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि केरल में मानसून तय समय एक जून को पहुंच चुका है। इसके जून के तीसरे सप्ताह में उत्तराखंड पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक प्री मानसून सामान्य से 55 फीसद अधिक है। अभी इसमें और इजाफा हो सकता है। 

मार्च से मई के बीच सामान्यत: 146 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार यह 227 मिमी दर्ज की गई। यह भी संभावना है कि मानसून में बारिश सामान्य से कुछ अधिक रहे। 

प्रमुख शहरों का तापमान 

शहर------------------अधिकम----------न्यूनतम 

देहरादून----------------33.9-------------20.6 

मसूरी-------------------21.7-------------11.7 

टिहरी-------------------22.0-------------13.0 

उत्तरकाशी-------------22.5-------------12.8 

हरिद्वार----------------34.6-------------21.6 

जोशीमठ---------------19.5-------------10.5 

अल्मोड़ा----------------28.1-------------14.8 

मुक्तेश्वर---------------23.0-------------10.5 

नैनीताल----------------23.6-------------14.0 

पिथौरागढ़--------------27.3-------------13.1 

चंपावत-----------------27.5-------------14.6 

यूएसनगर--------------34.4-------------20.8

प्री-मानसून बारिश बढ़ाएगी खरीफ की फसलों का जायका

इस बार मानसून के अपने तय समय अनुसार ही उत्तराखंड पहुंचने की उम्मीद है। इससे पहले ही प्री-मानसून की बारिश किसानों पर मेहरबान है। खेती के लिए यह बारिश अच्छी मानी जा रही है। उम्मीद है कि इस बार मानसून में कम बारिश के बावजूद पैदावार अच्छी होगी।

गेहूं की फसल कट चुकी है। गन्ना बोया जा चुका है। अब बारी धान, मक्का, ज्वार, बाजरा, उड़द, तुअर, सोयाबीन आदि की है। इसमें ज्यादातर फसलों को अधिक पानी की जरूरत होती है। ऐसे में प्री-मानसून की अच्छी बारिश इन फसलों के लिए वरदान साबित हो सकती है। इसको लेकर किसानों भी उत्साहित हैं। 

मार्च से मई तक उत्तराखंड के अधिकतर क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। अब जून के प्रथम दो सप्ताह में भी मौसम विज्ञान केंद्र ने अच्छी बारिश की उम्मीद जताई है। ऐसे में खेतों में नमी बरकरार रहने के कारण खरीफ की फसलों को खासा लाभ मिलेगा। 

दून में भी अब गन्ने के बाद मक्के की फसल बोने की तैयारी है। साथ ही ज्वार-बाजार भी किसानों की प्राथमिकता में है। 15 जून के बाद मक्का, सहित अन्य खरीफ की फसलों की बुआई शुरू हो जाएगी।

सामान्य से डेढ़ गुना अधिक हुई बारिश 

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक, इस बार प्री-मानसून की बारिश सामान्य से डेढ़ गुना अधिक हुई है। मानसून की दस्तक से पहले अभी और बारिश होने की उम्मीद है। इस बार पश्चिमी विक्षोभ अति सक्रिय होने के कारण बारिश अधिक हुई।

खरीफ की अच्छी होगी पैदावार 

कृषि निदेशक गौरीशंकर के अनुसार, इस बार गर्मियों में अच्छी बारिश होने के कारण खरीफ की फसलों के लिए बेहतर स्थिति बन रही है। उम्मीद है, खेतों में नमी रहने के कारण खरीफ की फसलों की पैदावार अच्छी होगी।

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15 जून के बाद होगी बुआई  

डोईवाला के किसान रणजोध सिंह के अनुसार, मार्च-अप्रैल में अधिक बारिश से गेहूं को नुकसान पहुंचा था, लेकिन अब हो रही बारिश खरीफ के लिए ठीक है। मक्का और दालों की बुआई की तैयारी की जा रही है। 15 जून के बाद खरीफ की बुआई होगी। 

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Posted By: Bhanu Prakash Sharma

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