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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 17, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सरकार की सबसे अधिक मेहर मुख्यमंत्री की विधानसभा में बरसी, यहां 62 करोड़ के कार्य हुए मंजूर

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Published: Mon, 17 Jun 2019 09:11 PM (IST)Updated: Tue, 18 Jun 2019 12:43 PM (IST)

सरकार की सबसे अधिक मेहर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की विधानसभा में बरसी है। इस विधानसभा क्षेत्र में पुल व ...और पढ़ें

सरकार की सबसे अधिक मेहर मुख्यमंत्री की विधानसभा में बरसी, यहां 62 करोड़ के कार्य हुए मंजूर
सरकार की सबसे अधिक मेहर मुख्यमंत्री की विधानसभा में बरसी, यहां 62 करोड़ के कार्य हुए मंजूर

देहरादून, विकास गुसाईं। प्रदेश की सभी 70 विधानसभाओं में सरकार की सबसे अधिक मेहर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की विधानसभा में बरसी है। इस विधानसभा क्षेत्र में पुल व सड़कों के लिए सबसे अधिक 62.31 करोड़ के कार्य स्वीकृत हुए हैं। वहीं, कांग्रेस विधायक व नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश के विधानसभा क्षेत्र में इस मद में एक भी पैसा स्वीकृत नहीं किया गया है। 17 विधायक ऐसे हैं जिनके विधानसभा क्षेत्र में 27 करोड़ से अधिक की स्वीकृति दी जा चुकी है और ये सभी भाजपा के हैं।

प्रदेश में इस समय सड़कों के निर्माण, रखरखाव व पुलों के निर्माण कार्य पर सरकार का जोर है। सरकार ने बीते वर्ष सभी विधानसभा क्षेत्रों में इस मद में 27 करोड़ से अधिक के कार्यों को स्वीकृति प्रदान करने की बात कही थी। अभी हालात यह है कि कुल 71 में से 17 विधायकों के क्षेत्र में 27 करोड़ से अधिक के कार्य हुए हैं। ये सभी विधायक भाजपा के हैं। इनमें भी सबसे अधिक 62.31 करोड़ के छह कार्य मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के विधानसभा क्षेत्र डोईवाला में हुए हैं।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के विधानसभा क्षेत्र नरेंद्र नगर में 32.41 करोड़ के 18 कार्य और खटीमा विधायक पुष्कर धामी के विधानसभा क्षेत्र में 31.31 करोड़ के 18कार्य स्वीकृत हुए हैं। भाजपा विधायकों में सबसे कम कार्य यानी 12.79 करोड़ के सात कार्य धर्मपुर विधायक विनोद चमोली की विधानसभा के लिए स्वीकृत हुए हैं। वहीं कांग्रेस विधायकों की बात करें तो सबसे अधिक 23.21 करोड़ के 29 कार्य पुरोला विधायक राजकुमार की विधानसभा के लिए हुए हैं, जबकि नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश की विधानसभा के लिए एक भी पैसा स्वीकृत नहीं हुआ है। 

कांग्रेस ने बीते वर्ष भी सरकार पर कांग्रेस विधायकों की अनदेखी का आरोप लगाया था। वहीं, सरकार का तर्क था कि जिस भी विधायक ने सरकार को प्रस्ताव भेजे हैं सभी में कार्य स्वीकृत किए गए हैं। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश का कहना है कि सरकार ने उनकी विधानसभा के लिए सड़कों के लिए कोई पैसा नहीं दिया है। वह इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगी।

सबसे अधिक स्वीकृति

  • डोईवाला- 62.31 करोड़
  • नरेंद्र नगर - 32.41 करोड़
  • खटीमा - 31.31 करोड़
  • कालाढूंगी - 30.62 करोड़
  • चौबट्टाखाला - 30.30 करोड़

 सबसे कम स्वीकृति

  • हल्द्वानी - 00 
  • पिरान कलियर - 4.85 करोड़
  • जागेश्वर - 5.87 करोड़
  • मंगलौर - 6.85 करोड़
  • केदारनाथ - 10.01 करोड़ 

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