खेलों में पदक पाने वाले सरकारी कार्मिकों को मिलेगी विशेष वेतन वृद्धि, दायरे में 2016 के बाद बनें विजेता शामिल
उत्तराखंड सरकार ने अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता में पदक प्राप्त करने वाले सरकारी कर्मचारियों को विशेष वेतन वृद्धि वैयक्तिक वेतन के रूप में देने का निर्णय लिया है। इन खिलाड़ियों को वर्ष में केवल एक बार यह वेतन वृद्धि दी जाएगी। पूरे सेवाकाल में इन खिलाड़ियों को अधिकतम तीन वेतन वृद्धि दी जाएंगी।इसका लाभ जनवरी 2016 अथवा उसके बाद सिविल सर्विसेज प्रतियोगिताओं में पदक पाने वालों को दिया जाएगा।
राज्य ब्यूरो, देहरादून: प्रदेश सरकार ने अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता में पदक प्राप्त करने वाले सरकारी कर्मचारियों को विशेष वेतन वृद्धि वैयक्तिक वेतन के रूप में देने का निर्णय लिया है। इन खिलाड़ियों को वर्ष में केवल एक बार यह वेतन वृद्धि दी जाएगी।
पूरे सेवाकाल में तीन वेतन वृद्धि
पूरे सेवाकाल में इन खिलाड़ियों को अधिकतम तीन वेतन वृद्धि दी जाएंगी। ये विशेष वेतन वृद्धि सेवानिवृत्ति तक मिलेंगी। इसकी न तो पदोन्नति के समय वेतन निर्धारण और न ही सेवानिवृत्ति के लाभों में गणना की जाएगी। इसका लाभ एक जनवरी 2016 अथवा उसके बाद सिविल सर्विसेज प्रतियोगिताओं में पदक पाने वालों को दिया जाएगा।
प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में अब सरकार ने अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वालों के लिए अहम निर्णय लिया है।
पदक प्राप्त करने वालों को विशेष वेतन वृद्धि का होगा लाभ
विशेष प्रमुख सचिव खेल, अभिनव कुमार द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि मान्यता प्राप्त संघों द्वारा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में सरकारी सेवा में नियुक्त कोई कार्मिक एकल, मिश्रित अथवा टीम के रूप में कोई पदक प्राप्त करता है तो उसे विशेष वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाएगा। यद्यपि कोच व मैनेजर इस वेतन वृद्धि के पात्र नहीं होंगे।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह सुविधा केवल राज्य सरकार के नियमित कार्मिकों को ही दी जाएगी। निगम, सार्वजनिक उपक्रम, स्वायत्तशासी संस्थान व अर्द्धशासकीय संस्थानों के कार्मिकों पर यह सुविधा लागू नहीं होगी।
राज्य सरकार के जो भी नियमित कार्मिक हैं, उनके लिए प्रदेश सरकार का यह प्रोत्साहन है। इससे खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले कार्मिकों के मनोबल के साथ ही खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा।
-रेखा आर्या, खेल मंत्री, उत्तराखंड सरकार।
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