यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मंडी परिसर में सफाई व्यवस्था चौपट, चारों तरफ गंदगी और कूड़े के लगे ढेर
नगर स्थित कृषि मंडी परिसर अव्यवस्थाओं का गढ़ बनकर रह गया है। मंडी परिसर में चारों तरफ फैली गंदगी व ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, विकासनगर (देहरादून)। नगर स्थित कृषि मंडी परिसर अव्यवस्थाओं का गढ़ बनकर रह गया है। मंडी परिसर में चारों तरफ फैली गंदगी व लगे कूड़े के ढेर मंडी प्रशासन की पोल खोलने के लिए काफी हैं। इसके अलावा नालियों की साफ-सफाई नहीं होने के चलते परिसर में पानी की निकासी के लिए बनी नालियां चोक हो जाने से पानी की निकासी ठप पड़ी है।
विकासनगर मंडी परिसर में गंदगी के कारण उपज बेचने वाले किसान भी परेशान है। इसके अतिरिक्त मंडी में आने वाले व्यापारियों के लिए भी गंदगी परेशानी खड़ी कर रही है। मंडी में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यहां चारों तरफ कूड़े व गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। किसान एकता समिति ने मंडी की अव्यवस्थाओं पर चिंता व्यक्त की है।
समिति अध्यक्ष सूर्य प्रकाश बहुगुणा ने कहा मंडी के भीतर खाली पड़े मैदानों में कूड़े व गंदगी के ढेर लगे हैं, नालियां भी चोक है, लेकिन मंडी प्रशासन सफाई पर ध्यान नहीं दे रहा है। जिससे सरकार के स्वच्छता मिशन को भी पलीता लग रहा है।
इसके साथ ही नालियों की सफाई नहीं होने से बरसात के दिनों में जलभराव से किसानों व व्यापारियों को मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा मंडी प्रशासन को खाली पड़़े मैदानों का कृषि कार्यों के लिए उपयोग करना चाहिए। किसान एकता समिति ने मंडी प्रशासन को यह प्रस्ताव दिया है कि वह खाली भूमि पर कोल्ड स्टोर बनाकर उसका संचालन कर सकते हैं।
उधर, मंडी सचिव पी.कालाकोटी का कहना है कि परिसर की समय-समय पर सफाई की जाती है। लेकिन प्रतिदिन आने वाली सब्जियों व अन्य फसलों के चलते हर दिन इतना ही कूड़ा एकत्रित हो जाता है। उनका कहना है कि चोक नालियों को शीघ्र ही साफ कराया जाएगा।
विपुल जैन (पूर्व अध्यक्ष मंडी समिति विकासनगर) ने कहा कि मंडी की साफ-सफाई की व्यवस्था के लिए प्रत्येक वर्ष बाकायदा ठेका दिया जाता है। जिसमें मंडी क्षेत्र, शौचालय, स्नानागार आदि की प्रतिदिन सफाई की जाती है। इसके अलावा मंडी नगर पालिका को सबसे अधिक टैक्स देती है तो यहां की सफाई या कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी नगर पालिका की भी है। यदि इसके बाद भी मंडी में गंदगी या सफाई नहीं है तो इसे लापरवाही ही कहा जाएगा। यह भी पढ़ें-हरबर्टपुर में बस अड्डा निर्माण का इंतजार कर रहे क्षेत्रवासी
